date_range 29 Mar, 2020

हश्र कुछ यूँ हुआ ज़िन्दगी की किताब का... मै ज़िल्द सवाँरती रही और पन्ने बिखरत


हश्र कुछ यूँ हुआ ज़िन्दगी की किताब का...
मै ज़िल्द सवाँरती रही और पन्ने बिखरते रहे...!!

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