date_range 09 Dec, 2019

श्री हेमकुण्ड साहिब के कपाट अरदास पूजा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिय


श्री हेमकुण्ड साहिब के कपाट अरदास पूजा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गएं

5 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों की पहुंचने की उम्मीद

?सिखों के दसवें गुरू गोविन्द सिंह की तपस्या स्थल श्री हेमकुण्ड साहिब के कपाट अरदास पूजा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गएं. अधिक ठंड व बर्फ होने के बाद भी कपाट खुलने के अवसर पर 5 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों की विश्व प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब पहुंचने की उम्मीद है.

उतराखंड की पहाड़ियों में स्थित इस मनोरम धार्मिक स्थल की यात्रा 19 किलोमीटर पैदल चलकर पूरी की जाती है. यह तीर्थ स्थल हर साल हजारों सिख यात्रियों को आकर्षित करती है.
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोविन्द घाट से करीब 21 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई के बाद 15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित तीर्थस्थल हेमकुण्ड साहिब पहुंचा जाता है. जिसके बाद गोविन्द घाट से पुलना तक 3 किलोमीटर की दूरी वाहन से और बाकी पैदल तय करनी पड़ती है.

गुरू वाणी के अनुसार गुरूगोविन्द सिंह पूर्व जन्म में लक्ष्मण के अवतार थे. जो शेष नाग व द्रष्टदमन के रूप में अनन्त काल तक घोर तप कर भगवान विष्णु की सेवा हेम कुण्ड साहिब में करते रहे. जिस कारण यहां पर सिक्ख समुदाय के लोग लक्षमण जी की पूजा अर्चना करते है.

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