date_range 24 Feb, 2020

मजबूर एसडीएम ने रचाई शादी


मजबूर एसडीएम ने रचाई शादी

कुशीनगर के जिलाधिकारी दफ्तर पर दिन भर हाई प्रोफाईल ड्रामा चला । ड्रामा ऐसा की जिसमें एसडीएम और उनकी महिला साथी मुख्य किरदार में थे बाकी के सभी अधिकारी सहायक की भूमिका में थे । दरअसल हाथ में शिकायती पत्र थामे एक महिला पहुंची और उसने खड्डा तहसील में एसडीएम रहे दिनेश कुमार पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया । महिला का आरोप था कि शादी का झांसा देकर चार साल से एसडीएम साहब शारीरिक शोषण करते रहे हैं। यही नही महिला ने एसडीएम पर कई बार एबॉर्शन कराने का भी गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि शादी का दबाव बनाने पर एसडीएम साहब ने बुरी तरह पिटाई भी की। कलेक्ट्रेट के एडीएम ऑफिस में यह फिल्मी ड्रामा दिन भर चलता रहा। अब चुकी मामला साहब लोगों से जुड़ा था तो इस प्रकरण में डीएम, एडीएम सभी अधिकारी बंद कमरे में पीड़ित महिला को समझाते रहे लेकिन महिला एसडीएम साहब से शादी करने पर अड़ी थी । अपने को बुरी तरह से फंसता देख एसडीएम शादी के लिए राजी हुए और देर रात पडरौना नगर के गायत्री मंदिर में इनकी बाकायदे शादी कराई गई। इस शादी के दो अधिकारी गवाह भी बने। आपको बता दें कि पूर्व में खड्डा तहसील में तैनात रहे एसडीएम रहे दिनेश कुमार पर महिला ने शादी का झांसा देकर शोषण का गंभीर आरोप लगाया था । कुछ दिन पूर्व एडीएम दिनेश कुमार का हापुड़ जिले में स्थानांतरण हुआ था जिसके बाद वह ज्वाईन करने हापुड़ चले गये थे । आज वह अपना सामान लेने आए तो साथ में रह रही महिला ने उनपर शादी करने का दबाव बनाया लेकिन जब साहब अपनी बात से मुकर गये तो महिला ने उनकी शिकायत करने का मन बनाया । जिसके बाद महिला डीएम दफ्तर पहुंच गई जहां पूरा दिन हाई प्रोफाईल ड्रामा चला और अंत में एसडीएम साहब को रात में डेढ़ बजे अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरा लगाना पड़ा । उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के ग्राम बुढ़नपुर के रहने वाले दिनेश कुमार की पोस्टिंग कुशीनगर जनपद के खड्डा तहसील में उपजिलाधिकारी के पद पर थी। इनके जनपद की रहने वाली एक लड़की ने आज सुबह दस बजे कुशीनगर जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुँच कर एसडीएम दिनेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए एप्लिकेशन दी। जिसके बाद पूरे कलेक्ट्रेट में हाई बोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। लड़की का कहना था कि इन्होंने लगातार चार साल से शादी का झांसा देकर मेरा शारीरिक शोषण किया और अब शादी की बात कहने पर कहते हैं कि 50 लाख रुपये दहेज के रूप में दो तब शादी करेंगे। लड़की के इस गंभीर आरोपों को देखते हुए डीएम से लेकर एडीएम तक सबने लड़की को समझाने की पूरी कोशिश की। लड़की शादी पर अड़ी रही। अपना गला फंसता देख एसडीएम दिनेश कुमार शादी को राजी हो गए । यह शादी रात में एक बजे गायत्री मंदिर पडरौना में हुई। शादी में गवाह के रूप में पडरौना सदर एसडीएम रामकेश यादव व हाटा के एसडीएम प्रमोद तिवारी बने। इन दोनों अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति में इनका विवाह संपन्न कराया।

गायत्री मंदिर पडरौना के पुजारी सुरेश मिश्रा ने शादी सम्पन्न कराई। शादी होने के बाद पुजारी जी ने कहा कि यह खड्डा के एसडीएम थे जिनकी शादी अभी हुई है। इन दोनों में विवाह को लेकर कुछ अनबन थी। डीएम साहब और सबने कहा है कि शादी करा दी जाय। अभी एक बजे शादी सम्पन्न हुई है।

सुरेश मिश्र - विवाह कराने वाले पंडित ।

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