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चुनाव आयोग ने माना- फरीदाबाद के बूथ में हुई थी गड़बड़ी, अब 19 मई को होगा द


चुनाव आयोग ने माना-

फरीदाबाद के बूथ में हुई थी गड़बड़ी, अब 19 मई को होगा दोबारा मतदान

पृथला विधानसभा के असावटी में बने बूथ नंबर 88 पर बूथ कैप्चरिंग की शिकायत थी

आयोग की प्रवक्ता शेफाली सहारण ने ट्वीट कर दी मतदान दोबारा कराए जाने की जानकारी


चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव के लिए छठवें चरण के मतदान के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एक बूथ में एजेंट्स द्वारा मतदान में गड़बड़ी का वीडियो वायरल हुआ था। आयोग ने जांच के बाद इसे सही माना है और उस बूथ के मतदान को कैंसिल कर दिया। अब इस बूथ पर अगले चरण में यानी 19 मई को मतदान होगा। फरीदाबाद जिले की पृथला विधानसभा के अंतर्गत असावटी में बने बूथ नंबर 88 पर बूथ कैप्चरिंग की शिकायत आयोग से की गई थी। इस बूथ का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें नजर आ रहा है कि एक पोलिंग एजेंट मौके की तलाश में रहता है और जैसे ही महिला वोट करने के लिए जाती है तो वह उसके पीछे-पीछे वोटिंग मशीन तक पहुंच जाता है।

इसी तरह वह तीन महिलाओं के मतदान के समय वोटिंग मशीन के पास पहुंचता है। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी अवतार सिंह ने बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए। घटना सामने आने के बाद पोलिंग एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसकी जांच किए जाने पर चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है कि यह बूथ कैप्चरिंग हुई थी। इस संबंध में भारतीय निर्वाचन आयोग की प्रवक्ता शेफाली सहारण ने ट्वीट करते हुए इस बूथ पर आगामी 19 मई को सातवें चरण के साथ दोबारा मतदान कराए जाने के निर्देश की पुष्टि की है। इस संबंध में चुनाव आयोग की प्रवक्ता शेफाली सहारण ने ट्वीट करके बताया कि असावटी के बूथ नंबर 88 पर 19 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा। आयोग ने फरीदाबाद संसदीय क्षेत्र का नया रिटर्निग ऑफिसर अशोक कुमार गर्ग को नियुक्त किया है।


कांग्रेस के 17, इनेलो के 33 व भाजपा के 50 विधायकों के हलके में 70 फीसदी से कम मतदान

प्रदेश में रविवार को दस लोकसभा सीटों के लिए कुल मतदान 70.19 फीसदी रहा। इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में अभी 87 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 48 विधायकों में 50 फीसदी विधायकों के इलाकों में मतदान 70 फीसदी से कम हुआ है। जबकि इनेलो के 15 विधायकों में 66 फीसदी विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में 70 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। जबकि कांग्रेस के 83 फीसदी विधायकों के क्षेत्रों में मतदान 70 फीसदी से ज्यादा हुआ। बड़ी बात यह है कि कांग्रेस के 17 विधायकों में सबसे कम 63.28 फीसदी मतदान यहीं पर हुआ है। जबकि इसी सीट पर दूसरे दावेदार रहे पलवल से विधायक करण दलाल के विधानसभा क्षेत्र में सिर्फ तादगांव से ज्यादा 69.70 फीसदी मतदान हुआ है। जबकि सबसे ज्यादा मतदान कुलदीप बिश्नोई के हलके आदमपुर में 77.90 फीसदी हुआ।

इनेलो के 15 विधायकों में सबसे ज्यादा अभय चौटाला के हलके एलनाबाद में 79.47 फीसदी मतदान हुआ जो प्रदेश में अन्य विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे नंबर पर है। जबकि सबसे कम पार्टी से शुरू से नाराज चल रहे नगेंद्र भड़ाना के विधानसभा क्षेत्र फरीदाबाद एनआईटी से रहा है। भाजपा में 24 विधायकों के हलकों में 70 फीसदी से कम मतदान हुआ। सबसे कम सीमा त्रिखा के हलके बडख़ल में 57.02 तो सबसे ज्यादा साढौरा से बलवंत सिंह के इलाके से 79.62 फीसदी मतदान हुआ है।

4 विस सीटों पर ही 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान

इस बार लोकसभा चुनाव में शहरी लोगों ने मतदान करने में कंजूसी दिखाई है। प्रदेश के 22 जिला मुख्यालयों की मात्र चार विधानसभा सीटों में ही 70 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। बाकी जगह लोगों ने कम मतदान किया। ज्यादातर मुख्यालयों के विधानसभा क्षेत्रों में संबंधित लोकसभा के अधीन आने वाले अन्य विधानसभा क्षेत्रों से भी मतदान करने में पीछे रहे हैं। सबसे ज्यादा मतदान कैथल जिला मुख्यालय की विधानसभा सीट पर 75.27 फीसदी हुआ। इसके बाद फतेहाबाद विधानसभा सीट पर 75.43,महेंद्रगढ़ विधानसभा सीट पर 71.29 और नूंह विधानसभा सीट पर 70.24 प्रतिशत मतदान हुआ। बाकी सभी जिला मुख्यालयों की शहर वाली सीटों पर वोटिंग कम रही है।

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