date_range 10 Dec, 2019

चंडीगढ़ के 850 रेगुलर शिक्षकों की नौकरी बची रहेगी, कैट ने सुनाया बड़ा फैसला


चंडीगढ़ के 850 रेगुलर शिक्षकों की नौकरी बची रहेगी, कैट ने सुनाया बड़ा फैसला

चंडीगढ़ । शहर के सरकारी स्कूलों में चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से 2015 में भर्ती किए गए 850 जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों के लिए केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) से बड़ी खुशखबरी आई है। ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ प्रशासन के इन शिक्षकों को नौकरी से हटाने का फैसला निरस्त कर दिया है। यानी अब शिक्षकों की नौकरी बनी रहेगी। कैट ने सोमवार को इस मामले में लंबे समय से चल रही सुनवाई के बाद फैसला सुनाया।

कैट ने अपने फैसले में 850 में से जिन शिक्षकों के नाम एफआईआर में नहीं हैं, उनके खिलाफ बर्खास्तगी का फैसला पूरी गलत बताया है, जबकि अन्य के मामले में कुछ शर्ते तय की गई हैं। कैट के इस फैसले के बाद चंडीगढ़ में कार्यरत्त शिक्षकों की नौकरी पर काफी समय से लटक रही तलवार हट गई है। सुबह कैट में मामले की सुनवाई के बाद फैसला आने के बाद स्कूलों में तैनात शिक्षकों ने एक दूसरे को कैट के फैसले पर बधाई दी। 

 

यह था मामला

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने 2014 में करीब 1150 शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी। मेरिट के आधार पर 2015 में शिक्षकों की नियुक्ति भी कर दी गई। बाद में पंजाब में हुई भर्ती में धांधली में गिरफ्तार आरोपितों से पता चला कि चंडीगढ़ में भी टीचर भर्ती में भी घोटाला हुआ है। आरोपितों ने 10 लाख तक में प्रश्न पत्र बेच दिए थे। मामले में भर्ती हुए करीब 49 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई और कई की गिरफ्तारी भी हुई। इसका केस अभी जारी है। 


यूटी प्रशासन ने सभी 850 टीचर्स को कर दिया था टर्मिनेट 

घोटाले के मद्देनजर यूटी शिक्षा विभाग ने प्रशासक को पूरी भर्ती प्रक्रिया को खारिज करने के लिए लिखा था। इस मामले में गठित कमेटी ने भी सभी 850 शिक्षकों को नौकरी से हटाने के लिए कहा। इसके बाद 30 मई 2018 को उन्हें हटा दिया गया।


स्कूलों में खुशी का माहौल

कैट के फैसले को लेकर पिछले कई दिनों से नौकरी से निकाले गए शिक्षकों की धड़कनें रुकी हुई थीं। सोमवार को सुबह कोर्ट में काफी शिक्षक पहुंचे हुए थे। जज के शिक्षकों के हक में फैसला सुनाए जाते ही शिक्षकों ने एक दूसरे को बधाई दे दी। शहर के स्कूलों में 2015 में भर्ती शिक्षकों ने भी राहत की सांस ली। स्कूलों में भी शिक्षकों की नौकरी बचने के कारण खुशी का माहौल था। शिक्षकों ने कहा कि उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद थी।

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