date_range 20 Jul, 2019

#Kanpur dehat आवारा पशुओं के विचरण से किसानों की नींद हराम आवारा पशु के


#Kanpur dehat
आवारा पशुओं के विचरण से किसानों की नींद हराम


आवारा पशु के विचरण से डेरापुर तहसील क्षेत्र के कमालपुर आकारु ,सिरकौड़ा ,खानपुर चैन,बिसोहा नोनारी समेत दर्जनों गांवों किसानों की नींद हराम है रात दिन किसान अपने खेतों की रखवाली कर फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए भूखे प्यासे किसान अपने खेतों पर पड़े रहते हैं।

मालूम हो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पशु क्रूरता अधिनियम पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है जिससे आवारा जानवरों की भरमार सी आ गई है ऐसा कोई गांव नहीं है जहां पर दर्जनों जानवर आवारा घूम घूम कर किसानों की सजी सजाई फसल को नुकसान पहुंचाने में आज भी पीछे नहीं है किसान इन आवारा पशुओं से अपनी फसल को बचाने के लिए रात दिन अपने खेतों पर पड़ा रहता है वहीं आवारा जानवर गेहूं की खड़ी तैयार फसल को घूम घूम कर खाते नजर आ रहे हैं जहां एक तरफ प्रदेश सरकार के मुखिया द्वारा घोषणा की गई है कि प्रत्येक ग्राम सभा में ग्राम समाज की जमीन को दबंगों से मुक्त करा कर उस जमीन में खड़ी फसल को आवारा पशुओं को काट कर खिलाया जाए और साथ ही गौशाला का निर्माण कराया जाए यह सारे आदेश कागजों में हवा हवाई साबित हो रहे हैं।

हकीकत तो यह है कि आवारा जानवरों की वजह से हजारों बीघा फसल बर्बाद पड़ी हुई है इन आवारा जानवरों का आलम यह है कि जिस तरफ झुंड बनाकर निकलते हैं उस तरफ के फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाती है और घूम घूम कर खड़ी फसल को खाते रहते हैं किसानों द्वारा बड़ी मेहनत से तैयार की जाने वाली फसलों को आवारा पशु बुरी तरह से बर्बाद कर रहे हैं जिससे किसान अब ऊब कर अपने खेतों के चारों तरफ लठ गाड़ करतार की घेराबंदी कर फलों को सुरक्षित करने का काम शुरू कर दिया है परंतु जो गरीब तक बे का छोटा मजदूर किसान है वह अपने खेतों की रखवाली करने के लिए स्वयं रात दिन अपने खेतों पर पड़ा रहता है।
रिपोर्ट-संजीव शुक्ला-कानपुर देहात

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