दूरदर्शन ने पूरे किए 61 साल, इन 10 शो ने अलग स्तर पर किया लोगों का फुल एंटरटेनमेंट

लोगों को एंटरटेनमेंट का अलग ही जरिया देने वाले दूरदर्शन को 61 साल पूरे हो गए हैं। जानिए इस चैनल के उन शो के बारे में यहां जिन्होंने दी लोगों को अलग ही तरह की प्ररेणा।

दूरदर्शन ने पूरे किए 61 साल, इन 10 शो ने अलग स्तर पर किया लोगों का फुल एंटरटेनमेंट
मालगुडी डेज और रामायण शो

15 सितंबर 1959 का वो दिन था जब दूरदर्शन ने लोगों को एंटरटेनमेंट की परिभाषा दी थी। दूरदर्शन के जरिए लोगों को इस बात की जानकारी हुई थी एक्टिंग क्या होती है, कलाकार क्या होते हैं और जीवन की सीख देने में भी ये चैनल हमेशा आगे रहा। दूरदर्शन का नाम लेते या फिर सुनते ही आप में से कई लोगों की पुरानी यादें ताजा हो जाया करती है। आज भी दूरदर्शन पर कई सारे शो और फिल्में दिखाई जाती है। लेकिन अब दुरदर्शन ने अपने 61 साल पूरे कर लिए हैं।

दूरदर्शन की शुरूआत दिल्ली में एक प्रायोगिक ब्रॉडकास्टर के रूप में हुई थी। इसमें केवल एक छोटा ट्रांसमीटर और एक मेकशिफ्ट स्टूडियो मौजूद था। शुरूआत में दूरदर्शन ऑल इंडिया रोडियो का हिस्सा था और 1982 में डीडी नेशनल ब्रॉडकास्ट बन गया था। लेकिन आपको ये जानकार हैरानी होगी कि प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने दूरदर्शन को नाम दिया था। वहीं, इसका लोगो देवाशीष भट्टाचार्य ने तैयार किया था जोकि नेशनल स्कूल ऑफ डिजाइन के छात्र रह चुके थे। आइए ऐसे मौके पर जानते हैं दूरदर्शन के उन शोज के बारे में यहां जिन्होंने लोगों का मनोरंजन करने के साथ-साथ अलग ही सोच और अनुभव कराया है।


हम लोग

हम लोग अपने टाइम का सबसे बेहतरीन शो रहा था। ये 154 एपिसोड वाला शो था जोकि 7 जुलाई 1984 को शुरू हुआ और 17 सितंबर, 1985 तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था। इस शो को एक्टर अशोक कुमार द्वारा नरैट किया गया था। वहीं,  हम लोग मनोहर श्याम जोशी द्वारा लिखित और पी कुमार वासुदेव द्वारा निर्देशित था। इस शो के अंदर लैंगिक भेदभाव, अवसरों की कमी, गरीबी, आउट-डेटेड सामाजिक-मूल्यों और शराबबंदी जैसे मुद्दों को उठाया गया था।


बुनियाद

1986 में दूरदर्शन पर डायरेक्टर रमेश सिप्पी का सीरियल बुनियाद आया था, जिसे लोगों ने काफी ज्यादा पसंद किया। वे सीरियल सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी काफी ज्यादा हिट हुआ था। ये पंजाबी परिवार की एक कहानी थी जोकि लाहौर में 1915 से शुरु होती है और दिल्ली में 1985 पर जाकर खत्म होती है। इस शो के अंदर आजादी के बाद की स्थिति को बेहतरीन तरीके से दिखाया था। सीरियल में शानदार कास्ट मौजूद थी। आलोक नाथ, अनीता कंवर, कंवलजीत सिंह जैसे कई बड़े कलाकारों ने इसमें काम किया था।


ब्योमकेश बक्शी 

दूरदर्शन का सीरियल ब्योमकेश बक्शी काफी ज्यादा हुआ हिट हुआ था। इसकी शुरूआत 1993 में हुई थी। वहीं, इस सीरियल को बासु चटर्जी ने डायरेक्ट किया था। इस सीरियल में रजित कपूर ने एक बंगली डिटेक्टिव की भूमिका निभाई थी। जिस तरह से वो सच लोगों के सामने लेकर आता था वो लोगों ने सीरियल में काफी पसंद किया था। 


ये जो है जिंदगी

ये जो है जिंदगी सीरियल में स्वर्गीय शफी इनामदार, स्वरूप संपत, राकेश बेदी, सतीश शाह और टिकू तलसानिया एक्टिंग करते हुए नजर आए थे। भारतीय टेलीविजन का ये पहला सिटकॉम था। लोकप्रिय व्यंग्यकार शरद जोशी ने इसे लिखा था और कुंदन शाह द्वारा इसे डायरेक्ट किया गया था। ये सीरियल एक कपल रंजीत और रेणु वर्मा और उनके दिन-प्रतिदिन के जीवन के चारों ओर घूमता हुआ नजर आया है। ये जो है जिंदगी 1984 में ऑन एयर हुआ था लेकिन 36 साल बाद भी यह शो आपको फुल एंटरटेन करेगा।

रामायण

दूरदर्शन का एक शो काफी ज्यादा हिट हुआ था, जिसका नाम है रामायण। रामानंद सागर की रामायण का प्रसारण 25 जनवरी 1987 को हुआ था। वहीं, इसका आखिरी एपिसोड 31 जुलाई 1988 को देखने को मिला था। ये भारतीय पौराणिक कथा पर बना पहला शो था। इस शो में अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और सुनील लहरी नजर आए थे, जिन्होंने शो में राम, सीता और लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। जब ये शो वापस से लोगों के बीच ऑन एयर हुआ तो यंग जनरेशन ने भी इसे पसंद किया।


महाभारत

बीआर चोपड़ा की महाभारत एक और पौराणिक शो था जिसे लोगों ने काफी ज्यादा पसंद किया था। इस शो में दिखाए गए दृश्य बेहद ही शानदार रहे और यह अपने समय का एक महंगा शो था। नितीश भारद्वाज, रूपा गांगुली, अर्जुन, गजेंद्र चौहान, पुनीत इस्सर जैसे अभिनेताओं ने शो के कारण अपार लोकप्रियता हासिल की थी।


नुक्कड़ 

शहर में श्रमिक वर्ग के झगड़ों और संघर्षों के आधार पर दूरदूर्शन पर एक शो की शुरूआत 1986 में हुई थी और उसका नाम नुक्कड़ था। इस शो को कुंदन शाह द्वारा डायरेक्ट किया गया था जोकि 1987 तक चला था। इसके बाद साल 1993 में इसका दूसरा सीक्वल आया जिसमें एक्टर अवतार गिल, दिलीप धवन और पवन मल्होत्रा शामिल थे।


आरोहण 

आरोहण ने भी लोगों को एक अलग ही कॉस्पेट वाला शो दिया था। पल्लवी जोशी द्वारा इस शो में उन महिलाओं की कहानी को दर्शाया गया था जोकि इंडियन नेवी जॉइन करना चाहती है। नेवेल अकेडमी में उनकी ट्रेनिंग और रोजमर्रा की जिंदगी में क्या होता है ये शो में दिखाया गया था। उस वक्त महिलाओं को इंडियन नेवी में जाने की इज्जत नहीं थी। आपको ये जानकार हैरानी होगी कि इस सीरियल में शेफाली शाह और आर. माधवन भी थे। ये शो बहुत कम समय के लिए ऑन एयर हुआ था। 1996 से 1997 तक इसने लोगों का खूब मनोरंजन किया।


उड़ान 

महिला सशक्तीकरण पर आधारित शो उड़ान आईपीएस कंचन चौधरी भट्टाचार्य से प्रेरित था, जोकि भारत की पहली महिला डीजीपी थीं। इस शो को कविता चौधरी ने लिखा और निर्देशित किया था, जोकि कंचन चौधरी की छोटी बहन थीं। उन्होंने शो में मुख्य किरदार भी निभाया था। उड़ान की कहानी एक ऐसी महिला के बारे में थी जो कठिनाइयों का सामना करके और आईपीएस अधिकारी बनती है।


मालगुडी डेज 

दूरदर्शन के फेमस शो में से एक मालगुडी डेज भी आता है। 1986 में इसकी शुरूआत हुई थी, जिसमें मालगुडी नाम का एक गांव था और शो की कहानी स्वामी और उसके दोस्तों के आसपास ही घूमती थी। इस शो को डायरेक्टर शंकर नाग ने किया था। जब इसके लेखक थे आर. के नारायण।