Exclusive: अविनाश मुखर्जी ने बताया क्यों नहीं बनना चाहते बिग बॉस का हिस्सा, ये है उनका फ्यूचर प्लान

एक्टर अविनाश मुखर्जी ने कई चीजों का खुलासा किया है। उन्होंने इंस्टाफीड के साथ की गई खास बातचीत में बताया कि आखिर क्यों बिग बॉस का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं एक्टर।

Exclusive: अविनाश मुखर्जी ने बताया क्यों नहीं बनना चाहते बिग बॉस का हिस्सा, ये है उनका फ्यूचर प्लान
अविनाश मुखर्जी

टेलीविजन की दुनिया में कुछ सितारे ऐसे होते हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटी उम्र से ही करना शुरु कर दी होती है। उन सितारों की लिस्ट में वैसे तो कई नाम आते हैं लेकिन इन दिनों अपनी एक्टिंग से सभी लोगों का दिल जीत रहे हैं अविनाश मुखर्जी की हम यहां बात कर रहे हैं। जी हां, वहीं अविनाश जिन्हें बालिका वधू सीरियल में जग्या का किरदार निभाया था।

बालिका वधू सीरियल के छोटे से जग्या अब बड़े हो गए हैं। वो इन दिनों अपनी जबरदस्त परफॉर्मेंस के जरिए लोगों का दिल जीतते हुए नजर आ रहे हैं। हाल ही में वो सीरियल शक्ति अस्तित्व के एहसास की में अपनी एक्टिंग का शानदार नमूना पेश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन सबके बीच अनिवाश ने इंस्टाफीड के साथ एक खास बातचीत की जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री के बारे में, अपने भविष्य की योजनाओं और रियलिटी शो में हिस्सा लेने को लेकर अपनी बातें खुलकर रखी। आइए एक नजर डालते हैं अविनाश मुखर्जी के साथ हुई एक्सक्लूसिव बातचीत में यहां।

प्रश्न:1 आपके लिए लॉकडाउन कैसा रहा?

उत्तर: यह सीखने का एक शानदार अनुभव मेरे लिए रहा था। मैंने अपनी पसंदीदा किताबें भी पढ़ीं और अपनी पसंदीदा फिल्मों को फिर से देखा।

प्रश्न:2 इन महीनों में आपके द्वारा सीखी या प्राप्त की गई कोई स्किल?

उत्तर: यह आपको फिर से जिंदा करने या जागने का काम कर रहा था।


प्रश्न: 3 भले ही बहुत सारे लोग इस वक्त टीवी देख रहे हैं, लेकिन कोई ताज़ा कंटेंट देखने को नहीं मिल रहा है। कई शो बंद हो गए और उनका नुकसान फिल्म के बिजनेस के बराबर रहा, लेकिन दिया गया कवरेज समान नहीं था। क्या आप भी ये सोचते हैं?

उत्तर: मुझे लगता है कि टीवी और फिल्मों के बीच सबसे खास अंतर और संघर्ष यह है कि फिल्म के सेट पर क्रू को अधिक पे किया जाता है। वहीं, टीवी पर पे बहुत मामूली होता है। इसके अलावा चेक का भुगतान करने के लिए इसका पेचेक होता है। यही कारण है कि CINTAA और अन्य संघ सभी आवश्यक सावधानियों के साथ काम शुरू करने पर जोर दे रहे थे। लेकिन यहाँ यह सर्वाइव करने और महामारी के गुजर जाने के इंतजार में है।

प्रश्न:4 बालिका वधू से लेकर शक्ति सीरियल अपने किया, क्या आपको इस दौरान इंडस्ट्री में बदलाव देखने को मिला?

उत्तर: मुझे 12 साल हो गए हैं टेलीविजन इंडस्ट्री को करीब से देखे हुए। ये बहुत लंबी, लेकिन शानदार, उत्साह और सौभाग्य से भरपूर जर्नी रही है। मैंने उस समय से बदलाव देखा है जब हमारे पास कैमरे के अलावा एक अलग रिकॉर्डिंग यूनिट थी। तब हमने रिकॉर्ड करने के लिए डिजिटल रीलों को नहीं अपनाया था। यह टेप पर रिकॉर्ड किया जाता था और बाद में उसे दिल्ली भेज जाता था, वहां से वो बैंकॉक जाता और वहां से इसे ऑन एयर किया जाता था। इसके बाद एक छोटी चिप बनी जोकि आपके कैमरे में फिट हो जाती है। फिर फिजिकल डिलीवरी से इसे ऑनलाइन अपलोड किया जाने लगा। इसके बाद फिर वेब स्पेस का खुल जाना और डेटा का भारी मात्रा में आना शुरू हुई। टीवी ने अपने लेवल पर बहुत विकास कर लिया है। 2015 में मैं बालिका वधु के लिए इंडोनेशिया, वियतनाम, जकार्ता आदि गया था और मैंने देखा कि भारतीय टेलीविजन क्या है और इसकी पहुंच क्या है।

प्रश्न:5 क्या स्टोरी टेलिंग के मामले में भी चीजें बदली है?

उत्तर: मुझे ऐसा नहीं लगता टेलीविजन के दर्शक टायर 2 और टायर 3 शहरों और यूपी, बिहार, झारखंड आदि में एक जैसे ही है। वो रसोई घर में चल रही पॉलिटिक्स , ड्रामा और रिश्तों को बनते और बिगड़ते हुए देखना चाहते हैं। वे एक किरदार को दूसरे किरदार को बर्बाद करते हुए देखाना चाहते या फिर उसे प्यार में पड़ते हुए देखना चाहते हैं। तो टेलीविजन पर सिर्फ एक कहानी है। यानी की स्टोरी लाइन अलग हो सकती है लेकिन हर किरदार की कहानी एक जैसी है।


प्रश्न:6 भारत में हम देख सकते हैं कि टीवी शो ज्यादातर महिलाओं पर आधारित होते हैं जैसे कि शक्ति में एक ट्रांसजेंडर महिला के बारे में बताया गया है। वहीं, बालिका वधु में आनंदी की कहानी थी। ऐसे में आपको क्या लगता है कि एक तरह से टेलीविजन एक महिला का एक जरिया बना गया है?

उत्तर: जी हां, ऐसा इसलिए क्योंकि हमारी दर्शक 35 से 50 साल की महिला है जोकि टायर 2 और 3 से ताल्लुक रखती है। जोकि रोजना काम करते हुए टीवी देखती है। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री पुरुष प्रधान है और इसको लेकर बात भी की जाती है, लेकिन टीवी को महिलाएं प्रभावित करती हैं इस पर कोई भी बात नहीं करता है।

प्रश्न:7 क्या आपको नहीं लगता कि हमें नई कॉन्सेप्ट की जरूरत है जहां कई कहानियां पुरुषों के इर्द-गिर्द घूमती हो?

उत्तर: हां, लेकिन यह काम नहीं करेगा क्योंकि दिन के अंत में हम दर्शकों को कहानियां बता रहे हैं और यदि 45 वर्षीय महिला कहानी के साथ नहीं जुड़ पाती है, तो फिर हमारे कहानी कहने या फिर बताने का क्या मतलब है।

प्रश्न:8 क्या आपको नहीं लगता कि लगातार महिला पर फोक्स करना कहीं न कहीं उन पर दबाव बनाने का काम करता है। जिसके चलते लोग अपनी बहू वैसे ही चाहते हैं जैसे की वो टीवी पर देखते हैं। जोकि बहुत हद तक रूढ़िबद्ध हो जाता है।

उत्तर: हर कहानी अलग होती है और लोग केवल 2 तरह से पात्रों से संबंधित होते हैं - या तो आप उस पात्र की तरह बनना चाहेंगे या आप उस पात्र को अपने जीवन में रखना चाहेंगे। और यह एक इच्छा होती है, उदाहरण के लिए, अगर मैं कबीर सिंह को देख रहा हूं, तो मैं अपने जीवन में प्रीति जैसी लड़की चाहूंगा। यह सिर्फ मानवीय प्रवृत्ति है, यदि आप सुपरमैन को देखते हैं तो आप सुपरमैन की तरह बनना चाहेंगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि ये स्टीरियोटाइपिंग है क्योंकि आप एक दिन में केवल एक कंटेंटे का उपभोग नहीं करते हैं, आप बहुत सारी कंटेंट का उपभोग करते हैं।

प्रश्न:9 12 साल आप कई सारे टीवी शोज करते हुए नजर आए लेकिन हमने आपको कभी भी रियलिटी शो के फॉर्मेट पर काम करते हुए नहीं देखा। इसके पीछे का क्या कराण है?

उत्तर: क्योंकि बहुत समय पहले मैंने एक रियलिटी शो किया था जिसका नाम माँ एक्सचेंज था। बहुत बवाल हुआ था तब क्योंकि निर्माताओं ने हमें कुछ और बताया था, हमने कुछ और शूट किया था और हमने टीवी पर जो आखिर में परिणाम देखा वह पूरी तरह से लगा था। जो हमने पहली मीटिंग में चर्चा की थी और जिस कारण से हम इसे करने पर सहमत थे। मेरे माता-पिता उस शो के लिए सहमत हुए थे यह सोचकर कि यह एक पेरेंटिंग शो था, लेकिन एक बार जब हमने फाइनल एडिट देखा, तो यह हमारे द्वारा दिखाए गए इंटरनेशनल वर्जन क्लिप से पूरी तरह अलग था।

प्रश्न:10 अब तो बहुत सारे रियलिटी शो है जैसे की झलक दिखला जा, बिग बॉस, नच बलिए आदि आप उसमें क्यों नहीं ट्राए करते?

उत्तर: मैं अपनी महत्वाकांक्षाओं और सपनों को बहुत ऊंचा रखता हूं और हर दिन इसके लिए कड़ी मेहनत करता हूं। मैं बिग बॉस में भाग नहीं लेना चाहता, लेकिन मैं शो देखना चाहता हूं। झलक दिखलाजा और नच बलिए में भाग लेना से मुझे किक नहीं मिलेगी, जो सेट पर जाकर स्क्रिप्ट पढ़ने में मिलती है। एक अभिनेता के रूप में आपको हर दिन अभिनय करने की आवश्यकता होती है और इसी का मैं आनंद लेता हूं।

प्रश्न: 11 एक धारणा है कि एक्टर बिग बॉस में अपने आपको पटरी पर लाने के लिए या फिर अपने फीके पड़ चुके करियर के चलते प्रवेश करते हैं, क्या आप इस धारणा से सहमत हैं?

उत्तर: मैंने इस बारे में कभी नहीं सोचा है, इसलिए मुझे नहीं पता। यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वे इसके बारे में कैसे सोचते हैं।


प्रश्न:12 आने वाले टाइम में वेब सीरिज या फिर बॉलीवुड में आगे बढ़ने के लिए कुछ सोचा है?

उत्तर: नहीं अभी केवल फिल्म उसके 6 से 7 साल बाद विचार करूंगा।

प्रश्न:13 क्या आपको लगता है कि फिल्म में जाना और भी ज्यादा मुश्किल हो गया है खासकर तो सुशांत सिंह राजपूत के केस के बाद? हमने बहुत सारे टीवी स्टार्स को अपनी संघर्ष की कहानी शेयर करते हुए भी देखा है।

उत्तर: मुझे नहीं लगता कि यह आसान या मुश्किल होगा, क्योंकि इस ग्रह का हर व्यक्ति या तो एक अभिनेता बनना चाहता है या उसका सपना देखता है। ऐसे में कॉम्पिटिशन सही में कठिन है, लेकिन आपकी किस्मत, कड़ी मेहनत और जो कहानी आप बता रहे हैं वह मायने रखती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप टेलीविज़न से आ रहे हैं। हमारे पास हॉलीवुड, क्षेत्रीय सिनेमा से कई लोग आए और अच्छा प्रदर्शन कर पाने में सफल नहीं रहे है। वहीं, कुछ लोग मराठी टीवी शो से आए हैं और शानदार तरीके से काम करने में सफल रहे।

प्रश्न:14 आगे वर्क फ्रंट को लेकर आपका क्या विचार है?

उत्तर: बहुत सारी चीजें, लॉकडाउन के दौरान मैंने फेंटसी गेमिंग से जुड़ा एक और बिजनेस खोला है। मैं शक्ति की अभी शूटिंग कर रहा हूं और मैंने एक वेब-सीरीज लिखी है। मैं इसमें एक्ट नहीं कर रहा हूं, लेकिन सभी 8 एपिसोड मेरे द्वारा लिखे गए हैं। शो का नाम इल्ज़ाम है और यह एक मर्डर मिस्ट्री है।