केबीसी में 5 करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार की दिल झकझोर देने वाली कहानी, ऐसे अर्श से फर्श पर आया एक 'विनर'!

साल 2011 में केबीसी शो के विनर रहे सुशील कुमार ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए बताया कि 5 करोड़ जीतने के बाद भी कैसे बर्बाद हुई उनकी जिदंगी।

केबीसी में 5 करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार की दिल झकझोर देने वाली कहानी, ऐसे अर्श से फर्श पर आया एक 'विनर'!
केबीसी के विनर सुशील कुमार और बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन

एंटरटेनमेंट जगत में इस वक्त कई सारे रियलिटी शो मौजूद हैं, जिसे जीतने की चाह किसी के मन में होती है। उन्हीं रियलिटी शोज की लिस्ट में कौन बनेगा करोड़पति भी आता है। ये शो बहुत से आम लोगों के हजारों सपने पूरे करते हुए नजर आया है। वहीं, आप सभी को केबीसी 5 के विनर सुशील कुमार तो याद ही होंगे। जिन्होंने इस सीजन को जीतकर हर किसी की वाहवाही लुटी थी। लेकिन कहते है न कि हर किसी का वक्त एक जैसा नहीं रहता है। ऐसा ही कुछ केबीसी 5 के विनर सुशील कुमार के साथ भी हुआ। आइए आपको बताते हैं कि इतने करोड़पति बनने के बाद भी आखिर कैसे बर्बाद हो गई उनकी पूरी जिंदगी।

ऐसे शुरु हुई बर्बाद की कहानी

- 'केबीसी 5' के विजेता सुशील कुमार ने बताया बर्बादी का किस्सा, 'शराब की लत लग गई थी, बिजनेस में भी हुआ घाटा'

- सुशील कुमार ने 'केबीसी 5' में 5 करोड़ जीतकर खूब वाहवाही बटोरी थी। मीडिया से लेकर इंटरनेट तक पर वह छा गए थे।

- सुशील कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर साझा किया अपनी बर्बादी का पूरा किस्सा, जिंदगी के हर नए मोड़ का किया जिक्र

-लोकल सेलिब्रेटी बन गए थे सुशील कुमार, महीने में दस से पंद्रह दिन बिहार में कहीं न कहीं किसी न किसी कार्यक्रम में जाना लगा रहता था, पढ़ाई से छूट गया था नाता

- मीडिया को लेकर हो गए थे सीरियस, उन्हें बताने के लिए लगातार करने लगे थे नए बिजनेस, जिसमें काफी पैसा डूब गया।

लोगों की ठगी का हुए शिकार

- सुशील ने अपने पोस्ट में बताया इस दौरान उन्हें गुप्त दान करने का चस्का तक लग गया था, जिसके चलते करते थे काफी पैसे दान

- पैसा दान करने के वक्त हुई ऐसे लोग से मुलाकात जो करते थे ठगी

- चापलूस लोगों के साथ रिश्ता रखने पर पत्नी तक ने टोका, इसके चलते खराब हुआ वैवाहिक जीवन

शराब की लगी लत

- इसी बीच खरीद ली कुछ कारें, जिन्हें दिल्ली में वो चलाने लगे और बार-बार यहां का लगते थे चक्कर

- बाद में जामिया मिलिया और आईआईएमसी में मीडिया की पढ़ाई कर रहे कुछ छात्रों से सुशील की हुई मुलाकात

- जेएनयू में रिसर्च कर रहे लड़कों, थिएटर आर्टिस्ट जैसे लोगों से भी हुआ उनका परिचय

- जैसे-जैसे दोस्ती बढ़ती गई, सुशील को शराब और सिगरेट की लत भी लग गई

निर्देशक बनने का देखा सपना

- अपनी जिंदगी का अनुभव शेयर करते हुए सुशील ने आगे बताया कि खाली समय में देखा करते थे हॉलीवुड और हिंदी की कई फिल्में, उनमें से ज्यादातर नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्में रही

- निदेर्शक बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे सुशील, पहले टीवी में काम करने की दी गई उन्हें सलाह

- कई प्रोडेक्शन हाउस में किया काम, लेकिन मन नहीं लगने पर उसे छोड़ा

पटरी पर वापस लौटी जिंदगी

- आगे सुशील ने आगे अपनी पोस्ट में लिखा कि मुंबई में उन्होंने खूब किताबें पढ़ी। इस दौरान उन्हें खुद को समझने का मौका मिला

- इसके बाद वह बिहार वापस आ गए और टीचर की नौकरी के लिए वो तैयारी करने लगे

-सुशील ने बताया कि अब वह टीचर हैं और साल 2016 से शराब नहीं पी है। साथ ही सिगरेट की लत भी छूट गई है