बच्चों से भी कोरोना संक्रमण होने का खतरा, रेस्तरां में भी न खाएं खाना, CDC की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि कोरोना संक्रमित 71 प्रतिशत वयस्क और नकारात्मक परीक्षण करने वालों में से 74 प्रतिशत ने हमेशा फेस कवर का उपयोग किया।

बच्चों से भी कोरोना संक्रमण होने का खतरा, रेस्तरां में भी न खाएं खाना, CDC की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
symbolic image (credit:facebook)

कोरोना महामारी ने दुनिया भर में जीने का तौर तरीका ही बदल दिया है। लोग घरों से बाहर कदम रखने में भी डरते हैं। किसी से मिलने में बाहर खाने पीने में हर चीज़ को लेकर लोगों के मन में एक डर और शक पैदा हो गया है। इसके अलावा हर दिन में कोरोना वायरस से संबंधित नई जानकारी का आना इस चिंता को और ज्यादा गहरा कर देता है। हाल ही हुए शोध से भी कुछ अन्य जानकारियों का पता चलता है। जिसमे कुछ चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कोरोना वायरस के फैलने को लेकर सीडीसी ने कुछ शोध किए जिसमे कोरोना के फैलने को लेकर दो मह्त्वपूर्ण जानकारियां सामने आई।


बच्चों से वयस्कों में फ़ैल रहा कोरोना 

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने पहला शोध राष्ट्र भर में स्कूलों और डे केयर सेंटर पर किया। जिसमे ये सामने आया कि स्कूल जाने वाले बच्चों से उनके टीचर और माता-पिता को संक्रमण का खतरा है। सबसे बड़ी बात ये सामने आई कि बच्चों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखे। 

सीडीसी ने अपने अध्ययन को साझा किया, जिसमें बताया गया कि बच्चे कोरोनावायरस को कैसे पकड़ सकते हैं और वायरस को वयस्कों में कैसे फैला सकते हैं।

तेजी से बढ़ते मामलों के बीच अप्रैल से जुलाई तक के बीच में किये गए अध्ययन की एक रिपोर्ट साझा की। कई बच्चे पॉजिटिव पाये गए, लेकिन हैरानी की बात ये है कि ज्यादातर बच्चों में कोई लक्षण नहीं थे। स्वास्थ्य जांचकर्ताओं के मुताबिक बच्चों ने वायरस को कम से कम 1 से 4 लोगों में फैलाया होगा जिनके साथ वो सबसे ज्यादा सम्पर्क में होते हैं जैसे भाई-बहन, माता-पिता। रिपोर्ट के मुताबिक एक 8 महीने के कोरोना संक्रमित बच्चे से उसके माता-पिता दोनों संक्रमित हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे ही कुछ संक्रमित बच्चों के द्वारा शिक्षकों में भी संक्रमण का प्रसार हुआ होगा।


WHO ने जारी की एडवाइजरी 

इस स्थिति को समझते और बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बच्चों और किशोरों के लिए मास्क पहनने पर एडवाइजरी जारी की  है। जिसमे कुछ मुख्य बातें बताई गई हैं।  

एडवाइजरी के मुताबिक पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को मास्क पहनने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। वहीं 6 से 11 तक के बच्चों को कुछ स्थिति के आधार पर मास्क को पहनना चाहिए, जैसे कि ये ध्यान देना कि वो जिस जगह रहता हैं उस जगह पर संक्रमण की दर क्या है? इसके अलावा ये भी कहा गया कि मास्क-पहनने की देखरेख एक वयस्क द्वारा ही की जानी चाहिए। 12 और उससे अधिक उम्र के बच्चों को वयस्कों की तरह ही मास्क पहनने चाहिए। दुसरे व्यक्ति से 6 फ़ीट की दूरी न होने पर मास्क पहनना अनिवार्य है। 


रेस्तरां में खाने वायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा 

सीडीसी द्वारा किए गए एक और शोध बात साफ हुई कि रेस्तरां में या किसी जगह सामूहिक रूप से खाना खाने में सबसे ज्यादा वायरस के फैलने का खतरा है। जितना कि किसी सामूहिक कार्यक्रम भी नहीं होता। इस परिक्षण में कोरोना से संक्रमित और जो संक्रमित नहीं है दोनों में सामान चीज़ें सामने आई। ऐसा  उन्हीं में देखा गया जो कहीं बाहर खाने या बैठने गए थे। 

शोधकर्ताओं ने इस बात पर विचार किया कि और उन मरीजों से मास्क पहनने और सभी गतिविधियों के बारे में पुछा, जिसमें यह भी पुछा गया कि क्या उन्होंने हाल ही में किसी रेस्तरां में खाना खाया, कहीं बाहर या जिम गए।

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि कोरोना संक्रमित 71 प्रतिशत वयस्क और नकारात्मक परीक्षण करने वालों में से 74 प्रतिशत ने हमेशा फेस कवर का उपयोग किया। निष्कर्षों से पता चला है कि ऐसे स्थानों पर खाने और पीने से ऐसे विकल्प मिलते हैं जो कोरोना संक्रमण को और बढ़ा सकते हैं।