date_range 18 Nov, 2019

त्रिगुण शर्मा एक सीधा साधा सब्जी वाला सोसायटी में सब्जी बेचता था बहुत सा


त्रिगुण शर्मा

एक सीधा साधा सब्जी वाला
सोसायटी में सब्जी बेचता था

बहुत सारी औरतें
उससे उधार सब्ज़ियां लेती थी
और वो चुपचाप बिना किसी नखरे के उनको दे देता था

फिर अपनी कापी में लिख लेता था किसने ने कितना देना है और किसका बकाया है
पर हैरानी की बात है वो किसी का नाम भी नही जानता था

हां ! पर पूछने पर सबको बिल्कुल सही हिसाब-किताब बताता था

एक दिन उसकी कापी औरतों ने छुपा दी , सिर्फ यह देखने के लिए कि वह हिसाब-किताब कैसे रखता है ?????

जब उन्होंने खोल कर पढ़ी
तो मुंह खुले के खुले रह गये

खाता ऐसे लिखा था

बिल्ली आंख वाली 20 रू
दबी नाक वाली 18 रू
सड़ी शक्ल 15 रू
हूरपरी 90 रू
महाकंजूस 42रू
गौरी पंजाबन 34रू
पतली कमर 40 रू
पैटन टैंक 45 रू
मोरनी चाल 20 रू
कलूटी 51रू
मोटी भैंस 78रू
जाटनी 49रू
मेरी जान 33रू
हिली हुई 25रू
रामू की जान 35 रू
नकचड़ी 12 रू
ऊंचे दांतो वाली 10रू
आग का गोला 75 रू
रौनी सूरत 15रू
440 वोल्ट 28रू
झगड़ालू 46रू
झांसी की रानी 62रू
भुलक्कड़ 30 रू
बिजली का खंभा 81रू
डाक्टरनी 53रू
कुत्ते वाली। 66रू

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