date_range 20 Jul, 2019

मोदी ने लगाया नारा- जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान लवली प्रो


मोदी ने लगाया नारा- जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में 106वीं इंडियन साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किया

तरिगुन शर्मा

जालंधर/गुरदासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विज्ञान ने देश के विकास में उल्‍लेखनीय योगदान दिया है। विज्ञान को सामान्‍य लोगों से जोड़ना होगा और देश के उन्‍नति के लिए सस्‍ते व कारगर तकनीक विकसित करनी होगी। उन्‍होंने सस्‍ती तकनीक और कारगर इस्‍तेमाल का मंत्र दिया। इसके साथ ही उन्‍होंने देश के लिए नया नारा दिया- जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान'। उन्‍होंने फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में 106वीं इंडियन साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री पहले आदमपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्‍टर से एलपीयू पहुंचे। उनका यहां पहुंचने पर भव्‍य स्‍वागत किया गया।

सस्ती तकनीक का मंत्र दिया

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइंस को सामान्‍य लोगों से जोड़ना होगा। हमें दुनिया की लीडरशिप लेने के लिए बहुत कुछ करना है। लोगों के जीवन के सभी पहलुओं को आसान बनाने के लिए काम करना होगा। विज्ञान का देश की प्रगति और लोगों के कल्‍याण में बहुत महत्‍व है। आज कम कीमत में कारगर तकनीक विकसित किए जाने की जरूरत है। खासकर किसानों के लिए ऐसी तकनीक का विकास बेहद जरूरी है। बंजर धरती को उपजाऊ, कम वर्षा की समस्‍या से निजात दिलाने की दिशा में काम किए जाने की जरूरत है।

उन्‍होंने वैज्ञानियों से कहा, आप बेहतर इलाज करने की तरीका साइंस एवं टेक्नोलॉजी में ढूंढ सकते हैं और बेहतर स्वास्थ्य के लिए अधिक प्रभावी तकनीक विकसित कर सकते हैं। पीने के पानी की कमी की समस्या से निबटने के लिए नई तकनीक विकसित कर सकते हैं। यह बड़ी चुनौती हे कि क्या हम कोई ऐसा सिस्टम बना सकते हैं जिससे हमारे संवेदनशील संस्थानों को ऐसी साइबर सुरक्षा मिल सके जिसे भेदना नामुमकिन हो जाए।

हीमोग्लोबिन कम होने की समस्या समाप्‍त करने पर अनुसंधान

उन्‍होंने कहा‍ कि सामान्य मानवीय जीवन में साइंस एवं टेक्नोलॉजी से परिवर्तन लाया जा सकता है और इस दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं। हमारे वैज्ञानिक ऐसी जीन थेरेपी की खोज कर रहे हैं जिससे खून में हीमोग्लोबिन में कम होने की समस्या समाप्‍त हो। देश की बड़ी आबादी एनीमिया से जूझ रही है। इससे बहुत बड़ी राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व राष्‍ट्रपति डाॅ; अब्‍दुल कलाम की चर्चा की।



60 देशों के 20 हजार वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया साइंस कांग्रेस में

साइंस कांग्रेस के मंच पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्‍वागत किया गया। साइंस कांग्रेस में 60 देशों के 20 हजार वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। इसमें एलपीयू सहित स्कूलों-कॉलेजों के 50 हजार विद्यार्थी भी शिरकत कर रहे थे। इंडियन साइंस कांग्रेस की थीम फ्यूचर इंडिया, साइंस एंड टेक्नोलॉजी रखा रखी गई थी। इसी थीम पर पूरा एलपीयू कैंपस सजाया गया था।

पूरा कैंपस सुरक्षा एजेंसियों ने किया सील, पूरी जांच के बाद लोगों को जाने दिया गया अंदर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर पूरा कैंपस सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सील कर दिया गया था। पुलिस के 3600 जवानों के हवाले यूनिवर्सिटी के बाहर की सुरक्षा का जिम्मा था। कैंपस के अंदर प्रधानमंत्री की सुरक्षा की कमान एसपीजी के कमांडो ने अपने हाथों में ली थी।
युवा कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन

प्रधानमंत्री के पहुंचने से काफी पहले एलपीयू के बाहर यूथ कांग्रेस के कुछ सदस्‍यों ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें पहले पकड़ लिया। उनको पहले एलपीयू के साथ बनी एक दुकान में बंद कर रखा गया और बाद में उन्‍हें पुलिस बस में ले जाया गया।

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