date_range 02 Apr, 2020

खूबसूरत


हम क्या बयां करें ख़ूबसूरती को,
खूबसूरत तो ये सारा समां है,
खूबसूरत तो हर इंसा है,
हमारी नजरों से देखो अगर तुम,
खूबसूरत तो ये सारा जहाँ है|

हर रंग है सुन्दर , हमारी नजर में,
हर सख्स है सुन्दर, हमारी नज़र में,
फूलों से ही सुन्दर, लगते हैं हमे कांटे,
दुःख सुख जैसे जीवन में बांटे,
दोनों से मिलकर, ये पौधा बना है,
जिसे इंसा ने जीवन कहा है,
खूबसूरत इसका हर एक इंसा है,
खूबसूरत तो ये सारा जहाँ है|

कितनी खूबसूरत है ये सारी प्रकृति,
क्या खूब है सुंदर हमारी ये सृष्टि,
कहीं पेड़, पौधे, जंगल, हरियाली,
कहीं नदी, झरने, पर्वत, समुन्द्र, प्राणी,
कहीं सुंदर बादल, बारिश, आसमा है,
सुन्हेरी ये धरती, सितारे, सूरज, चंद्रमा है,
खूबसूरत तो ये सारा कारवां है,
खूबसूरत तो ये सारा जहाँ है|

कहीं खूबसूरत सी नियत है इनकी,
कहीं खूबसूरत इनकी भावनाएं,
कहीं खूबसूरत तन दिखता है इनका,
कहीं खूबसूरत सी इनकी निगाहें,
कहीं पे ये चेहरा नूर बिखेरता है,
कहीं रूप का जलवा बिखेरें अदाएं,
कहीं रंग गोरा कहीं सांवला है,
ये खुद को ही हमेशा खूबसूरत बताएं,
हर कोई इस खूबसूरती पे फ़ना है
ना देखो कितने अवगुण हैं इनमें,
हमको तो करनी गुणों की गणना है,
खूबसूरत सब बच्चे, बूढ़े, जवान हैं,
खूबसूरत तो ये सारा जहाँ है|


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