सऊदी अरब में पहली बार 81 लोगों को एक साथ दी गई फांसी, जानिए इसके पीछे की वजह

सऊदी अरब अपने आलीशान रहन-सहन, भव्यता और तेल के कुओं के लिए मशहूर है. वहीं सऊदी अरब में शनिवार को एक साथ 81 लोगों को फांसी दी गई.

  • 1330
  • 0

सऊदी अरब अपने आलीशान रहन-सहन, भव्यता और तेल के कुओं के लिए मशहूर है. वहीं अपने सख्त कानूनों की वजह से यह चर्चा में बनी रहती है. अवैध कार्यों में शामिल लोगों के लिए सार्वजनिक दंड का प्रावधान है. इसी क्रम में सऊदी अरब में शनिवार को जो हुआ वो लोगों को हैरान करने के लिए काफी है. आपको बता दें कि सऊदी अरब में शनिवार को एक साथ 81 लोगों को फांसी दी गई, इन पर आतंकी संगठनों से जुड़े होने का आरोप लगा था.

ये भी पढ़ें:- Attack on US Embassy: इराक में अमेरिकी दूतावास पर पर हुआ हमला, दागी गईं 12 मिसाइलें   

सऊदी अरब के इतिहास में यह पहली बार है, जब 81 दोषियों को एक साथ फांसी दी गई है. सऊदी अरब की स्थानीय प्रेस एजेंसी के मुताबिक, ये सभी जघन्य अपराधों के दोषी पाए गए थे. उन पर मासूम बच्चों, महिलाओं और पुरुषों और अधिकारियों की हत्या का आरोप लगाया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक 1980 में ऐसी घटना सामने आई थी.

ये भी पढ़ें:- नवजोत सिंह सिद्धू की हार के बाद वायरल मीम्स पर अर्चना पूरन सिंह ने तोड़ी चुप्पी, शो के दौरान कही ये बात      

1980 में, मक्का में ग्रैंड मस्जिद की जब्ती के दोषी 63 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी. इस घटना में सभी दोषियों के सिर काट दिए गए. उस घटना के बाद पहली बार शनिवार यानी 12 मार्च को इतनी बड़ी संख्या में दोषियों को एक साथ फांसी दी गई. मारे गए लोगों में यमन के हौथी विद्रोही समूहों, अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट समूह के सदस्य या समर्थन थे.

RELATED ARTICLE

LEAVE A REPLY

POST COMMENT