एक युग की बाते हैं नेताजी के साथ: शिवपाल यादव

पत्रकारों ने जब शिवपाल यादव से संरक्षक के भूमिका पर सवाल किया तो शिवपाल यादव ने कहा कि, जो जिम्मेदारियां मिलेंगी उसे निभाऊंगा. जिम्मेदारी नही भी मिली तो हमारे साथ जो लगो जुड़े हैं, जिन्हें कोई नहीं पुछ रहा है, उनको इकट्ठा करेंगे.

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समाजवादी पार्टी के संस्थापक और संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के निधन के बाद प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव पत्रकारों से बातचीत की. निधन के अगले दिन बुद्धवार को यानी की आज शुद्धिकरण के बाद पत्रकारों के बातचीत के दौरान कई सवालों को यह कहते हुए टाल दिए कि, अभी इन सब बातों का  वक्त नहीं है. नेताजी के नहीं रहने पर ये सवाल चर्चा आने लगें हैं कि शिवपाल यादव का अगला कदम क्या होगा. इसके साथ ही परिवार, पार्टी और मैनपुरी सीट के वारिस पर भी समाजवादी पार्टी में चुनौतियां होंगी.

संरक्षक की भूमिका के सवाल पर बोले शिवपाल

पत्रकारों ने जब शिवपाल यादव से संरक्षक के भूमिका पर सवाल किया तो शिवपाल यादव ने कहा कि, जो जिम्मेदारियां मिलेंगी उसे निभाऊंगा. जिम्मेदारी नहीं भी मिली तो हमारे साथ जो लगो जुड़े हैं, जिन्हें कोई नहीं पुछ रहा है, उनको इकट्ठा करेंगे.

क्या सब हो जाएगा ?

बातचीत के शिवपाल यादव से पत्रकारों ने जब पूछा की क्या सब सही हो जाएगा? इस सवाल पर शिवपाल ने कहा कि,अभी यह वक्त नहीं है. जब वक्त आएगा तो देखा जाएगा. मैनपुरी की सीट खाली होने पर बोले- हम उस स्थिति में नहीं हैं कि यह बताएं कि क्या करना है और क्या नहीं करना है. पार्टी की विरासत पर बोले- सब संभाल जाएगा, सब हो जाएगा.


एक युग की बाते हैं नेताजी के साथ

शिवपाल यादव ने नेता जी के साथ पुरानी बातों को याद करते हुए कहा- बहुत किस्से हैं, बहुत यादें हैं नेताजी के साथ. एक युग की बाते हैं नेताजी के साथ. मैं 10 साल का था. 5वीं पास करने के बाद जब मैं करहल पढ़ने गया था, मेरे पैर भी नहीं आते थे साइकिल पर तब वह मुझे ले जाते थे. नेताजी ने सबकी बात की, सबकी सेवा की. राजनीति में उन ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. आज वक्त नहीं है की हर बात की जाए. हमने नेताजी की किसी भी बात को नहीं टाला है. उन्होंने जो कहा वो हमने किया. हर मौके पर मैंने जो भी निर्णय लिया नेताजी से पूछकर लिया.


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