कोरोना वायरस ने यूं बदल दी है हमारी जिंदगी, जानिए क्या आया हमारे जीवन में बदलाव!

जो चीज़ें हम आमतौर पर किया करते थे अब वो भी बहुत खास बन गई हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं उन कुछ चीज़ों के बारे में जो महामारी आने के बाद से बदल गई हैं और शायद हमेशा के लिए बदल जाएं।

कोरोना वायरस ने यूं बदल दी है हमारी जिंदगी, जानिए क्या आया हमारे जीवन में बदलाव!
symbolic image (credit:facebook)

कोरोनावायरस महामारी ने हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। इस महामारी ने हमारी रोजमर्रा की कई चीज़ों और हमारी बहुत सी आदतों को मानों पूरी तरह खत्म ही कर दिया है। कोरोना वायरस ने हमे छोटी-छोटी खुशियों के महत्व को समझा दिया है,पैसे के महत्व को समझा दिया है और हमारे जीवन में बहुत से बदलाव किये हैं। जो चीज़ें हम आमतौर पर किया करते थे अब वो भी बहुत खास बन गई हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं उन कुछ चीज़ों के बारे में जो महामारी आने के बाद से बदल गई हैं और शायद हमेशा के लिए बदल जाएं।  


ट्रेवल 

कोरोनावायरस ने हमसे हमारी आज़ादी को छीन लिया है और हमे चार दीवारी में बंद रहने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में हमे अपनी हर छोटी से छोटी ट्रिप याद आती है और एक बार फिर घूमने का मन करने लगता है।  



खाने की चीजें

ये दिन उन लोगों के बेहद ही कठिन रहे हैं जो बाहर जाकर जगह-जगह के स्वाद लेना पसंद करते हैं। ऐसे में हर दम वो समय याद आता है जब आखिरी बार होटल या कहीं बाहर खाना खाने गये थे और अपना पसंदीदा डिश खाया था। 



ह्यूमन टच 

किसी व्यक्ति से मिलते वक्त गले मिलना, हाथ मिलाना आदि बहुत पुरानी बात हो गई। इस महामारी के दौरान हम किसी से मिलने में भी घबराने लगे और पता नहीं कब तक ये डर मन में बना रहेगा।


बड़े स्क्रीन पर देखने के स्थान

कई लोगों ने पूरा लॉकडाउन टीवी या मोबाइल पर फ़िल्में या सीरीज देखकर ही बिताया है। लेकिन फिर भी सिनेमा हॉल में फिल्म देखना सभी ने बहुत मिस किया होगा। क्योंकि सिनेमा हॉल में पॉपकॉर्न के साथ फिल्म देखने का अपना ही आनंद है। 


पार्क में टहलना 

नेचर हर किसी को पसंद होता है। हरी हरी घास में बैठना बहुत ही आनंद का अनुभव करवाता है। इसलिए कई लोग हर दिन पार्क में टहलना पसंद करते हैं लेकिन इस महामारी के डर ने हम सभी को घरों में कैद कर दिया है और इस कारण से पार्कों में जाना भी छूट गया है। 


मुस्कुराते हुए लोग

आजकल हमारे आसपास मुस्कुराते हुए लोगों को देखना मुश्किल ही हो गया है क्योंकि हर कोई मास्क पहने हुए है। महामारी के चलते ये जरुरी भी हो गया है। क्योंकि इसी से हम सुरक्षित हैं लेकिन  कारण लोगों की मुस्कराहट छुप गई है और सिर्फ मास्क लगे चेहरे ही नज़र आते हैं। 



सजना-संवरना 

लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में तो घर के कम्फर्टेबले कपडे तो मानों जन्नत की तरह महसूस करवाते थे। लेकिन पिछले छह महीनों में अब इतने कम्फर्ट और रिलैक्स से ऊब सी होने लगी है। अच्छे से ड्रेसअप होना, तैयार होना मानों सदियों पुरानी बात हो गई हो। कपडे और जूते चप्पल सब रखे हुए धूल खा रहे हैं। इस वायरस ने मानों जिन्दगी को एकदम थाम सा दिया है।