date_range 01 Jun, 2020

धनगांव में एक दिन पहले मनाई जाती है दीपावली, अनहोनी होने से डरते हैं ग्रामीण



मंडला जिलें के धनगांव में एक पहले दीपावली मनाई जाती है. ग्रामीणों का कहना है यदि दीपावली के दिन त्योहार को मनाया जाए तो गांव में कुछ अनहोनी घटित हो जाती है.

जिले में पूजा पाठ की विधियों के साथ ही कुछ ऐसी परम्पराएं हैं जो और कहीं देखने को नहीं मिलती. जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर की दूरी पर निवास के पास स्थित धनगांव में दीपावली एक दिन पहले मनाई जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि इस परंपरा को जब पहले तोड़ने की कोशिश की जाती है तो कुछ अनहोनी उनके साथ घटित हो जाती है.दिवाली की तैयारियाों में जुटे ग्रामीण

इस साल पूरे देश मे दीपावली का त्योहार 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा. लेकिन धनगांव में एक दिन पहले ही दीपावली की आतिशबाजी के साथ लक्ष्मी पूजा की जाएगी. ये परम्परा यहां कई सालों से चली आ रही है. एक तरफ तो ग्रामीण खेतों में पक चुकी फसल की कटाई में व्यस्त हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वे दीपावली की तैयारियों में लगे हुए है.
ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्गों और पुरखों के द्वारा बनाई गई इस परम्परा को वे तोड़ना नहीं चाहते, क्योंकि जब जब इसकी कोशिश की गई तो गांव में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है. इसके अलावा फसलों को नुकसान, या पशुओं का नुकसान उन्हें झेलना पड़ता है. कई बार परम्परा तोड़ने के कारण पूरे गांव में बीमारियों का प्रकोप फैल जाता है. इसलिए ग्रामीण एक दिन पहले दीपावली मनाते हैं.
दीपों के इस पर्व में ग्रामीणों के द्वारा पहले अपने ग्राम देवताओं की पूजा की जाती है. इसके बाद खेरमाई के मंदिर में जाकर गांव की खैर मांगी जाती है. फिर घर पर पूजा की जाती है .दीपावली के पर्व में उड़द की दाल का बढ़ा महत्व है इसे पूजा से लेकर गाय बैल की पूजा की जाती है साथ ही इसके पकवान भी बनाए जाते हैं.
ग्रामीण

Write your comment

add