date_range 08 Dec, 2019

पंजाब के 40 फीसदी वयस्कों को दिल की बीमारियों व स्ट्रोक का खतरा जनरेशन सेव


पंजाब के 40 फीसदी वयस्कों को दिल की बीमारियों व स्ट्रोक का खतरा

जनरेशन सेवियर एसोसिएशन व दिशा फांउडेशन ने किया सेमिनार का आयोजन

बीपी की रोकथाम के लिए जरूरी है खाद्य पदार्थों का ट्रांस फैट मुक्त होना 

ट्रांसफैट युक्त भोजन से हर साल हो रही है दो हजार मौत

त्रिगुण शर्मा 

चंडीगढ़। दिल की बीमारियों और स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) से होने वाली मौतों की दर पजांब में लगातार बढ़ रही है। प्रत्येक पांच में से दो पंजाबी उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) का शिकार हैं। जिसे आमतौर पर मेडिकल भाषा में हाइपरटेंशन भी कहते हैं, जो कि कार्डियोवस्कूलर बीमारियों के होने का प्रमुख कारण भी है। मोहाली आधारित सामाजिक संगठन जनरेशन सेवियर एसोसिएशन तथा दिशा फांउडेशन द्वारा  डाक्टरों, स्वास्थ विभाग के अधिकारियों, फूड एंव ड्रग विभाग के अधिकारियों, सिविल सोसायटी प्रतिनिधियों के लिए आयोजित संगोष्ठी में ट्रांस फैट की मात्रा कम करने तथा उसके निर्धारण करने की जरूरत पर बल दिया गया।

कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने समय-समय पर हुई शोध पर आधारित अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि अधिक मात्रा में ट्रांस फैट युक्त भोजन के कारण हर साल पंजाब में 2300 लोगों की मौत हो जाती है, जिन्हें की बचाया जा सकता है। पंजाब की 40 प्रतिशत से भी अधिक आबादी हाई ब्लैड प्रैशर से जूझ रही है और कि बाकी की 40 प्रतिशत आबादी में भी हाई ब्लड प्रेशर का शिकार होने के लक्षण काफी ज्यादा है। पंजाब देश में सबसे अधिक वनस्पती तेल का उपभोग करने वाला राज्य है। 

स्वास्थ्य विभाग पंजाब के सहायक डायरेक्टर डॉ.जी.बी सिंह ने सरकार द्वारा हाई ब्लड प्रेशर की रोकथाम के लिए उठाह जा रहे कदमों के बारे में बताते हुए कहा कि विभाग द्वारा 30 वर्ष से ऊपर के हर एक व्यक्ति के ब्लड प्रेशर की जांच करके उन्हें उपचार भी मुहैया करवाया जा रहा है। पंजाब खाद्य एंव ड्रग विभाग के संयुक्त आयुक्त डॉ.अनूप कुमार ने कहा की लोगों तथा आने वाली पीढ़ी की अच्छी सेहत तथा हाई ब्लड प्रेशर से होने वाली मौतों को रोकने के लिए जरूरी है की औघोगिक रूप से उत्पादित ट्रांस फैटी एसिड्स को अपनी खाद्य प्रणाली से बाहर निकाला जाए। दिल्ली यूनिर्वसिटी की सहायक प्रोफेसर डा. ईरमा राओ ने कहा कि ऐसी टेक्नोलॉजी उपल्बध है जिससे ट्रांस फैट को खाद्य पदार्थों से स्वास्थ्यवर्धक फैट में बदला जा सकता है। 

जनरेशन सेवियर एसोसिएशन की अध्यक्ष उपिंदरप्रीत कौर गिल ने ट्रांस फैट्स के सेहत पर पडऩे वाले बुरे प्रभावों के बारे में आम लोगों को सीमित जानकारी है। फूड सेफ्टी अथारिटी ऑफ इंडिया द्वारा साल 2022 तक देश में खाने वाले तैलीय पदार्थ तथा अन्य वसायुक्त पदार्थों में ट्रांस फैट की मात्रा 2 प्रतिशत करने का नियम भी पारित किया गया है। सरकार की तंदुरूस्त पंजाब मुहिम की प्रशंसा करते हुए दिशा फाउंडेशन की अध्यक्ष डा. अंजली भोराड़े ने कहा कि सरकार तंदुरूस्त पंजाब मुहिम को और अधिक कामयाब बनाने के लिए लोगों को हाई ब्लड प्रेशर के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करे।

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