कानपुर देहात कांड में उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन, ब्रजेश पाठक ने पुलिस प्रशासन को दी चेतावनी

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि "जिसने भी यह काम किया है उन पर कार्रवाई करेंगे. हमने उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई है. जांच में पाए गए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अफसर हों या पुलिस प्रशासन हों. उन सभी पर कानपुर वाले मामले में कड़ी से कड़ी कार्रव

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कानपुर देहात में अवैध निर्माण को खाली कराने गए प्रशासन पर बड़ा गंभीर आरोप लगा है. आरोप में कहा गया है कि अवैध भूमि पर झोपड़ी बना कर रहे एक परिवार की झोपड़ी में आग लगा दी. उस झोपड़ी में मां और बेटी जिंदा जल गईं. ये दिल दहला देने वाली घटना कानपुर देहात स्थित मड़ौली गांव में घटित हुई है. इस घटना पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया दी है.  

उच्चस्तरीय जांच कमेटी  का गठन 

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि "जिसने भी यह काम किया है उन पर कार्रवाई करेंगे. हमने उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई है. जांच में पाए गए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अफसर हों या पुलिस प्रशासन हों. उन सभी पर कानपुर वाले मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी." यह घटना घटित होने के सियासी गलियारों में मामले ने तूल पकड़ लिया. विपक्ष सूबे के योगी सरकार पर जमकर हमला बोला. 

शिवपाल यादव ने बोला हमला 

अब इस घटना पर समाजवादी पार्टी से राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव की प्रतिक्रिया आई है. शिवपाल यादव ने कहा, "कानपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासन के सामने ही मां-बेटी ने आग लगाकर जान दे दी और पुलिस तमाशा देखती रही. अतिक्रमण हटाने व बुलडोजर के जोश में प्रशासन आखिर अपना होश क्यों खो रहा है. क्या ' महिला सशक्तिकरण' व 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की बात केवल कागजी नीति है?"

अखिलेश यादव ने भी साधा ने निशाना

वहीं अखिलेश यादव ने कहा ट्वीट कर कहा कि शासन-प्रशासन जब अभय एवं निर्भय की जगह भय और उत्पीड़न के प्रतीक बन जाएं तो समझ लेना चाहिए उनका अंत निकट है. वहीं सपा के मीडिया सेल ने वीडियो ट्वीट कर लिखा है कि "मृतक का बेटा नाम लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को दोषी ठहरा रहा है. आप लोग हत्या ,हत्या की साजिश ,वसूली ,धमकाने जैसी संगीन धाराओं में दोषी इन सभी अधिकारियों पर मुकदमा करके कब जेल भेजेंगे ? जबसे नए कमिश्नर आए हैं नोएडा जैसी वसूली और जमीन के धंधों में जुटे हैं ?"

पीड़ित परिवार का आरोप

वहीं घटना स्थल पर भारी-भरकम पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. यहां पीएसी की बटालियन के साथ कई आला अधिकारी भी मौजूद हैं. दूसरी ओर पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़ित परिवार का आरोप है कि झोपड़ियों को हटाने आए प्रशासन ने झोपड़ी में आग लगा दी. उस वक्त पुलिस वहीं पर खड़ी थी. लेकिन उन्होंने हमें घर से बाहर नहीं निकलने दिया था. जबकि पीड़ित परिवार ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग की है. 

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