जानिए फाइजर कोविड-19 वैक्सीन से कौन-कौन से हो सकते है साइड इफेक्ट्स, ये है पूरी डिटेल्स

कोरोना वायरस की कई वैक्‍सीन अब आखिरी दौर में पहुंच चुकी हैं।साथ ही फाइजर, मॉडर्ना जैसी वैक्‍सीन का एफेकसी डेटा भी बनकर तैयार किया गया है। ऐसे में हम आपके बताएंगे कि फाइजर कोविड-19 वैक्सीन से कौन-कौन से हो सकते है साइड इफेक्ट्स।

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कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दुनियाभर में दर्जनों वैक्सीन को बनाने पर काम चल रहा है। इसके साथ ही कोरोना वायरस की कई वैक्‍सीन अब आखिरी दौर में पहुंच चुकी हैं। फाइजर, मॉडर्ना, ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका, स्‍पतनिक वी जैसी वैक्‍सीन का एफेकसी डेटा भी  बनकर तैयार किया गया है। यही नहीं दुनियाभर में वैक्‍सीन लगाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं लेकिन अभी तक किसी भी वैक्‍सीन के चलते बेहद गंभीर साइड इफेक्‍ट्स की बात सामने नहीं आई है लेकिन जिस तेजी से वैक्‍सीन डिवेलप की गई हैं उसे देखते हुए  वैज्ञानिक  इस बात से इनकार नहीं कर रहे हैं कि ट्रायल के दौरान  लोगों को हल्‍के-फुल्‍के साइड इफेक्‍ट्स हुए हैं। ऐसे में हम आपके बताएंगे कि फाइजर कोविड-19 वैक्सीन साइड इफेक्ट्स के बारे में क्या है।

यूनाइटेड किंगडम में फाइजर कोविड19 वैक्सीन रोलआउट के साथ दुनिया भर के लोग केवल इसके बेहतर  परिणामों के लिए बेहद उत्सुक हैं। आखिरकार 8 महीने से अधिक समय बीत चुका है जब कोरोनोवायरस के प्रकोप ने दुनिया भर में और आसपास के लाखों लोगों के जीवन में कहर बरपा दिया।

1. यूके में फाइजरऔर बायोटेक द्वारा कोविड वैक्सीन का रोल-आउट

यूनाइटेड किंगडम अमेरिकी फाइजर और जर्मनी के बायोटेक द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई नई कोविड -19 वैक्सीन को रोल-आउट करने वाला पहला देश बन गया। वही सप्ताह के अंत में चैनल टनल के माध्यम से टीकों की हजारों शीशियों को पैक करके भेज दिया गया। कई ब्रिटेनियों ने मंगलवार को कोविड वैक्सीन की खुराक प्राप्त की और जब एनएचएस ने सबसे बड़ा टीकाकरण का अभियान शुरू किया।

 आपको बता दें कि 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के अलावा कई हेल्थ केयर वर्कर्स और श्रमिकों को भी इस वैक्सीन दिया गया था। जिसमें  वैक्सीन दो डोज़ में दिया जाता है जिनमें से दूसरी गोली 21 दिनों की अवधि के बाद दी जाएगी। पहले बैच में वैक्सीन की लगभग 800,000 खुराक प्राप्त करने के बाद इस साल के अंत तक चार मिलियन खुराक दिए जाने की उम्मीद है।


2. वैक्सीन को प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति थे?

वैक्सीन को ध्यान में रखते हुए बुजुर्ग लोगों और फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को लगाया गया था। इसके साथ ही यह वैक्सीन प्राप्त करने वाला पहला व्यक्ति 90 वर्ष की उम्र की एक बुजुर्ग महिला मार्गरेट कीनन थी उन्होंने यूनिवर्सिटी अस्पताल कोवेंट्री में वैक्सीन को लगवाया और कहा कि उन्हें  एक असग विशेषाधिकार जैसा महसूस हुआ। इसके अलावा विलियम शेक्सपियर नाम के एक बूढ़े व्यक्ति ने मंगलवार को फाइजर-बायोएनटेक कोरोनावायरस जैब भी लगवाया।

3. फाइजर वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स 

 फाइजर वैक्सीन कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 95% प्रभावी साबित हुआ है। ट्रायल के दौरान 55 वर्ष से कम उम्र के लोगों ने वैक्सीन से साइड इफेक्ट्स होने की सूचना दी जबकि इस वैक्सीन  से मामूली साइड इफेक्ट्स होने की उम्मीद की गई थी। फ़ूड  एंड ड्रग  एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान यह वैक्सीन संक्रमण को रोकने में मदद करेगी। इसके साथ ही ट्रायल बंद होने के दौरान देखे जाने वाले कुछ सबसे आम दुष्प्रभाव और भविष्य में होने की उम्मीद की जा सकती है।

- इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द होना

- बुखार

- थकान

- सरदर्द

- ठंड लगना

- मांसपेशियों में दर्द


4. यूके नियामक टीके से एलर्जी होने की चेतावनी दी 

आपको बता दें कि यूके ने फाइजर कोविड वैक्सीन से होने वाली एलर्जी की चेतावनी जारी की है। वही एमएचआरए की चीफ एग्जीक्यूटिव जून रैने ने कहा है कि उन व्यक्ति को फाइजर बायोएनटेक वैक्सीन नहीं मिलनी चाहिए जिनको दवाई और भोजन से किसी भी प्रकार की एलर्जी होती हो क्योकि यही एलर्जी वैक्सीन की प्रभावशीलता में बाधा डाल सकती है।

by-asna zaidi

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