Sanjay Singh protest: संजय सिंह के निलंबन पर खिलाफ विपक्ष ने खोला मोर्चा, संसद के बाहर बाहर पूरी रात चला धरना

Sanjay Singh Suspended: आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सत्र से निलंबित किए जाने के बाद सोमवार की रात संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

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AAP Sanjay Singh Suspended: आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को सदन की कार्यवाही बाधित करने के कारण सोमवार को पूरे सत्र से निलंबित कर दिया गया है. राज्यसभा के सभापति ने कहा कि संजय सिंह ने राज्यसभा की कार्यवाही बाधित की है. इसलिए उन्हें पूरे सत्र से निलंबित किया जाता है. संजय सिंह के निलंबन के विरोध में सोमवार को पूरी रात विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. गौरतलब है कि इस समय देश में मणिपुर वायरल वीडियो को लेकर पूरा बवाल मचा हुआ है. विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री से मणिपुर मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहा है. 

 सदन में हुआ था बवाल 

दरअसल, आप सांसद सोमवार को संसद सत्र के दौरान मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी के मुद्दे को लेकर बहस कर रहे थे. इस दौरान जमकर हंगामा हुआ. हंगामे के दौरान संजय सिंह ने वेल में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की कुर्सी के सामने पहुंचकर विरोध किया. वह धनखड़ को हाथ दिखाकर कुछ बोल रहे थे. उनकी इस हरकत की वजह से उन्हें पूरे मानसून सत्र से निलंबित कर दिया गया. 

 निलंबन के बाद क्या बोले संजय सिंह 

राज्यसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित किए जाने के बाद संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के प्रधानमंत्री सदन में आकर मणिपुर की हिंसा पर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं. एक कारगिल के योद्धा की पत्नी को नंगाकर परेड कराया गया. भारत के 140 करोड़ लोगों का सर शर्म से झुक गया है. लेकिन प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब देने के लिए तैयार नहीं है.

संजय सिंह को विपक्ष का साथ मिला

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत में जितने राजनीतिक दल हैं वे सब संजय सिंह के साथ हैं. सभी (राजनीतिक दल) के प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं. हम सब संजय सिहं जी के साथ गांधी जी की प्रतिमा के पास जाकर विरोध करेंगे.

सरकार आवाज दबाने की कोशिश रही: खरगे 

सांसद संजय सिंह के राज्य सभा से पूरे सत्र के लिए निलंबन पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ये पहली बार नहीं है कि कोई विरोध जता रहा है. सभी लोग संसद में विरोध करते हैं. लोकतंत्र में बोलने की आजादी है, बोलने के लिए जो संसद आता है उसे मौका मिलना चाहिए. आज सरकार की मंशा है कि किसी ना किसी तरीके से आवाज को बंद किया जाए. पिछली बार भी उन्होंने ऐसा ही किया था. 


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