आजाद भारत में इस महिला को पहली बार होगी फांसी, परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से करी थी हत्या

आजाद भारत में पहली बार शबनम नाम की महिला को मिलेगी फांसी, जानिए किस तरह से अपाराधिक घटना को दिया गया अंजाम।

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कहते हैं मोहब्बत एक बेहद ही खूबसूरत एहसास होता है लेकिन जब ये जूनन बनना शुरू हो जाए तो ये अपने रास्ते में आई सभी चीजों को हटा देती है। कई बार इसी पागलपन का शिकार प्रेमी जोड़े अपने ही खून के रिश्तों को खून से लथपथ कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला हम आपको सुनाने जा रहे हैं दो प्यार करने वाले ने अपने ही परिवार के लोगों को इस कदर मौत के घाट उतारा जिसके बारे में सुनकर आपकी भी रूह कांप उठेगी। यहां हम बात कर रहे हैं जिसमें  शबनम और उसके प्रेमी सलीम की। 

वही, शबनम जिसने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने माता-पिता और मासूम भतीजे समेत परिवार के सात लोगों पर कुल्हाड़ी से वार करके उनका गला काटकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। अब उनके बेमेल इश्क की खूनी दास्तां फांसी के फंदे तक जा पहुंची है। भारत को आजादी मिलने के बाद शबनम देश की पहली ऐसी महिला अपराधी होगी जिसे फांसी की सजा दी जाएगी।

पिता ने बेहद ही नाजों से पाला था 

आज हम आपको यहां बताने जा रहे है कि कैसे ये खूनी दास्तान पहुंचा फांसी के फंदे तक। ये मामला 2008 का है जहां उत्तर प्रदेश में अमरोहा के बावनखेड़ी गांव में शिक्षक शौकत अली अपनी पत्नी हाशमी, बेटा अनीस, राशिद, बहू अंजुम और एक इकलौती बेटी शबनम के साथ रहते थे। हर पिता की तरह शौकत अली ने अपनी बेटी को बड़े ही लाड़-प्यार से पाला था और उसे बेहतर शिक्षा दी जिसके चलते उसकी नौकरी शिक्षामित्र में भी लग गई थी।

सब कुछ अच्छा चल रहा था कि इसी दौरान शबनम को गांव के ही रहने वाले छठीं फेल युवक सलीम से प्यार हो गया और दोनों शादी तक करने के सपने सजाने लगे थे। लेकिन उनकी खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई। दोनों अलग-अलग जाति के मुस्लिम थे। शबनम जहां सैफी थी तो वही, सलीम पठान बिरादरी से ताल्लुक रखता था। इसकी वजह से शबनम के परिवार वाले इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं हुए।

परिवार इस रिश्ते के विरोध में था लेकिन फिर भी शबनम आए दिन अपने प्रेमी को मिलने के लिए अपने घर बुलाया करती थी जिसका परिवार के लोग विरोध करते थे। प्रेमी से मिलने में कोई बाधा न आए इसके लिए शबनम ने परिवार के लोगों को चुपके से नींद की गोलियां देना शुरु कर दी।

 फिर आई 14 अप्रैल 2008 को वो काली रात। जब एक बार फिर शबनम ने परिवार को सुलाने के लिए नींद की गोलियां दे दीं ताकि वो सलीम से मिल सकें। उसी दौरान शादी में बाधा बन रहे परिजानों को लेकर शबनम ने अपने प्रेमी सलीम से शिकायत की और उन्हें अपने रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इसके बाद रात को नशे की हालत में सो रहे अपने परिवार के 7 लोगों को एक-एक करके दोनों ने कुल्हाडी से काटना शुरु कर दिया।

इस खौफनाक घटना को अंजाम देने के बाद सलीम वहां से फरार हो गया लेकिन शबनम घर में रही और सुबह होते ही नाटक करते हुए गांव वालों को ये बताने लगी कि बदमाशों ने उसके पूरे परिवार की हत्या कर डाली। जब लोग उनके घर पहुंचे तो वो मंजर देखकर हर कोई चौंक उठा। दो मंजिले मकान के तीन कमरों में सिर्फ खून ही खून पासरा हुआ था और बिस्तर पर कटे हुए शव पड़े थे।

ऐसे खुली शबनम की पोल...

इस घटना की वजह से कई महीनों तक बावनखेड़ी गांव सुर्खियों में बना रहा था और उस वक्त की तत्कालीन सीएम मायावती भी वहां का दौरा करने पहुंची थी। हालांकि शबनम ने जो बयान दिया था उसी के आधार पर पुलिस को इस बात का शक हो गया था कि कुछ तो गड़बड़ है। इसके बाद शबनम की पोल उसके मोबाइल कॉल रिकॉर्ड ने ही खोलकर रख दी। जब पुलिस ने मामले में सख्ती बरतते हुए पूछताछ की तो वो पूरी तरह से टूट गई और बात डाली अपनी खूनी दास्तान की एक-एक खौफनाक करतूत। आपको हम इस बात की जानकारी दे देते हैं कि ट्रायल के वक्त जेल में ही शबनम ने सलीम के बच्चे को जन्म भी दिया था।

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