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उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के पास विस्फोटक सामग्री वाली एसयूवी मिलने के मामले में मुंबई की विशेष अदालत ने बर्खास्त हो चुके मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत याचिका खारिज कर दी है. साथ ही अदालत ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को आरोपपत्र दाखिल करने के लिए और एक महीने का समय दिया.
एंटीलिया के बाहर विस्फोटक मिलने के आरोपी सचिन वाजे फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में है. अदालत ने नौ जून को एनआईए को आरोप पत्र दाखिल करने के लिए दो महीने का समय दिया था. केंद्रीय एजेंसी ने बाद में एक और विस्तार का अनुरोध करते हुए कहा की जांच अभी भी चल रही है. वाजे ने इस आधार पर जमानत का अनुरोध किया था की जांच एजेंसी निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने में विफल रही, इसलिए वह रिहा होने का हकदार है.
पूर्व सहायक पुलिस निरीक्षक वाजे को 13 मार्च की गिरफ्तार किया गया था और वह नवी मुंबई की तलोजा जेल में है. बुधवार को वाजे ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी जमानत के पक्ष में व्यतिगत रूप से दलीलें दी थी.
यह मामला 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर एक वाहन से जुड़ा है, जिस में विस्फोटक सामग्री थी.
देशमुख को नहीं मिली थी सुरक्षा
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दो अगस्त को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को ईडी द्वारा उनके खिलाफ धन शोधन मामले में किसी भी कथित जबरदस्ती कार्यवाई से सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर गिरफ्तारी से कोई सुरक्षा प्रदान करने से मना कर दिया.
निलंबितमुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परम बीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे अपने पत्र में आरोप लगाया कि देशमुख ने बेईमानी की और पद का दुरुपयोग करते हुए सचिन वाजे से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने के लिए कहा.https://twitter.com/ANI/status/1423226505589493762?s=19




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