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मोहित की किस चाल में फ़ंस गया प्रेम? राही को कोठारी मैंशन से क्यों निकालेगा प्रेम? मां-बेटी क्यों मिलाएंगे हाथ? इस नवरात्रि होगा कौन-सा धमाका?
अनुपमा को समझा रहे बा और राही के पास आई मोटी बा और उन्होंने करी श्री कृष्ण की आरती. राही के कहने पर प्रेम ने नहीं किया राघव का ज़िक़्र, लेकिन मोटी बा की आवाज़ से परेशान हुआ राघव. घबराई मोटी बा को देख परेशान अनु के कहने पर भी राघव घर नहीं आया. प्रेम रुका शाह हाउस लेकिन अनुपमा से नाराज़ राही के जाने पर उसने दिया दुखी मां को भरोसा. दूसरी तरफ़, मोहित ने प्रेम को बर्बाद करने का फ़ैसला किया. प्रेम की मदद कर रहे राघव को अपने ख़िलाफ़ हो रही इंवेस्टिगेशन का चला पता, पर प्रेम को भेजकर अनु ने दिया उसे भरोसा. पानी और बिजली की शॉर्टेज के लिए कोसी गई अनुपमा बापूजी और राघव के साथ बीमार बा को हॉस्पिटल ले गई. मोटी बा ने राही और अनु को अलग करने की ठानी, तो वहीं बापूजी ने करी राघव की तारीफ़ और अनुपमा ने करी सोसायटी वालों के ख़िलाफ़ कंप्लेंट. लेकिन जहां एक तरफ़ तरफ़ मोहित की वजह से प्रेम को हुआ नशा, तो दूसरी तरफ़ राही को उसकी शर्ट पर दिखे ख़ून के धब्बे. ऐसे में क्या होगा अब?
‘राही’ क्यों हुई बेघर?

मोहित को रंगे हाथ पकड़कर उसकी सच्चाई सामने आते ही पूरी कोठारी फ़ैमिली उसे घर से बाहर निकलने के लिए कहेगी. ऐसे में राही देगी उसका साथ, लेकिन एक अनजान के साथ अपनी बीवी की नज़दीकियां प्रेम को नहीं आएंगी रास, और वह राही को कोठारी मैंशन से निकाल देगा. तो क्या प्रेम को बर्बाद करने का मोहित का प्लान होगा सक्सेसफ़ुल या राही करेगी प्रेम का सामना?
क्या है Navratri Twist?

मोटी बा को राघव के ज़िक़्र से ही परेशान देखकर अनुपमा को होगा शक़ और वह करेगी फ़ैसला 20 साल पहले के राज़ को खोलने का. ऐसे में नवरात्रि पर होगा मोटी बा और पराग की घटिया हरक़त का पर्दाफ़ाश. लेकिन क्या अनु का साथ देंगे प्रेम और राही, या ये लड़ाई उसे अकेले लड़नी पड़ेगी?
‘मां’-‘बेटी’ क्यों मिलाएंगे हाथ?

जहां एक तरफ़ राघव की एंट्री ने अनुपमा को अपने ही घर में अकेला कर दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ़ मोहित के हक़ की लड़ाई लड़ रही राही का साथ प्रेम ने भी छोड़ दिया है. इसलिए मां-बेटी मिलाएंगे हाथ, और समाज के ख़िलाफ़ शुरु करेंगे अपनी लड़ाई. ऐसे में क्या होगा राघव और मोहित का भविष्य?
तो दोस्तों, शो की कहानी बड़े ही दिलचस्प मोड़ पर आ चुकी है, जहां रिश्तों की नींव हिलेगी, विश्वास के धागे कच्चे पड़ जाएंगे, और परिवार से मोड़ना पड़ेगा मुंह. तो क्या मां-बेटी का यह सफ़र कर देगा उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए अकेला?




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