उत्तराखंड के जंगल में हुआ हादसा, जमीन पर गिरी आकाशीय बिजली

उत्तराखंड में खराब मौसम की मार किसानों के साथ-साथ पशुपालकों को भी झेलनी पड़ रही है. पहाड़ी इलाकों में बारिश से फलों की खेती को काफी नुकसान हुआ है. बिजली गिरने से करीब 350 बकरियों की मौत हो गयी.

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उत्तराखंड में खराब मौसम की मार किसानों के साथ-साथ पशुपालकों को भी झेलनी पड़ रही है. पहाड़ी इलाकों में बारिश से फलों की खेती को काफी नुकसान हुआ है. उधर, उत्तरकाशी के डूंडा प्रखंड में बिजली गिरने से करीब 350 बकरियों की मौत हो गयी. सुबह राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग व एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची.

अचानक मौसम खराब

यह हादसा उत्तरकाशी के डूंडा प्रखंड के खाटूखाल के पास मथनाऊ टोक के जंगल में हुआ. जानकारी के अनुसार बारसू क्षेत्र के लोग गर्मी की शुरुआत होते ही बकरियों को लेकर पहाड़ी इलाकों की ओर चले जाते हैं. ग्रामीण रामभगत सिंह, प्रथम सिंह व संजीव अपनी करीब 1200 भेड़-बकरियों को लेकर पहाड़ी क्षेत्र के जंगलों में आ रहे थे. जब वह डूंडा के खाटूखाल के पथ मथनाऊ टोक के पास पहुंचे तो अचानक मौसम खराब हो गया.

बकरियों की मौत की सूचना

इसी बीच तेज चमक के साथ बिजली गिरी. जंगल में बिजली गिरने से करीब 350 बकरियों की मौत हो गई. तहसीलदार डुंडा प्रताप सिंह चौहान के अनुसार बिजली गिरने से बकरियों की मौत की सूचना मिली है. इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन व पशु चिकित्सा विभाग को भी अवगत करा दिया है.

पशुपालकों के साथ दुर्घटना

भाजपा के पूर्व जिला संयोजक जगमोहन सिंह रावत ने कहा कि पशुपालकों के साथ अक्सर ऐसी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, लेकिन पशुपालकों को उचित मुआवजा नहीं मिल पाता है. उन्होंने मुख्यमंत्री व पशुपालन मंत्री से पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. ग्रामीणों ने इस नुकसान की जानकारी भटवाड़ी प्रखंड प्रमुख विनीता रावत को भी दी. जबकि देर शाम धनोल्टी में तेज ओलावृष्टि हुई. ओलावृष्टि से खुबानी, आड़ू और नाशपाती की फसल को काफी नुकसान हुआ है इससे फल उत्पादक भी काफी दुखी हैं.

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