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scientific report में छपी एक लेख से यह पता चला है कि सिंधु घाटी सभ्यता की जो समय-सीमा है वो पहले से ज्ञात समय-सीमा से भी ज्यादा प्राचीन हो सकती है| इसमें कहा गया है यह अंतर कोई सालों का नहीं है, बल्कि यह हजारों साल पहले तक जा सकता है| हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भिर्राना के पुरातात्विक स्थल से मिली पॉटरी और जानवरों के अवशेष से यह पता चला है कि प्राचीन सभ्यता की सबसे पुरानी बस्ती की जड़ 8000 तक पुरानी हो सकती है| अगर इस तथ्य की पुष्टि हो जाती है तो यह मिश्र के फिरौन से भी पुरानी साबित हो जाएगी|
पूर्व के शोध से हम यह जानते थे कि पहले प्राचीन सभ्यता मेसोपोटामिया और मिस्र की सभ्यता थी, जिसके बाद सिंधु घाटी सभ्यता का विकास हुआ था, लेकिन नए शोध से शायद यह इतिहास बिलकुल ही बदल जाए|
अब तक हुए शोधों से हमें यह ज्ञात था कि सिंधु घाटी सभ्यता का उत्कर्ष 2500 ई.पू. में हुआ था, जबकि पतन 1700 ई.पू. के बीच में हुआ था| भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने विभिन्न संस्थानों के साथ मिलकर मिट्टी के बर्तन का टुकड़ा और जानवरों के हड्डियों पर कार्बन डेटिंग जाँच किया, जिसके परिणामस्वरूप पता चला कि आज से 9000 साल पहले लोगों ने रोजगार करना शुरू कर दिया था, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इस क्षेत्र में रहने वाले समुदायों ने पहले से निर्धारित समय-सीमा से पहले ही समाज ने व्यवस्थित समुदाय के रूप में जीना शुरू कर दिया था|




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