Story Content
अब मॉनसून सीजन के बाद हिमालयी क्षेत्रों में भूकंप आना एक आम बात हो चुकी है. उत्तराखंड में विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते भूकंप और आपदा जैसे हालात बनना एक बहुत आम बात है. यही वजह है कि भूकंप के लिहाज में उत्तराखंड को जोन चार और पांच में रखा गया है. वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के भूकंप वैज्ञानिक ने कहा है कि ‘मॉनसून सीजन के बाद हिमालायी क्षेत्रों में भूकंप के आने की आशंका है’.
उत्तराखंड में 2017 के बाद नहीं आए हैं मॉडरेट भूकंप
उत्तराखंड में साल 2017 के बाद कोई बड़ा भूकंप महसूस नहीं किया गया है, हालांकि इन चार सालों के भीतर हजारों सैकड़ों भूकंप आए हैं जिनकी तीव्रता 1.5 मेग्नीट्यूड से कम रही है. जिसकी वजह से ये भूकंप महसूस नहीं होते हैं. यही नहीं इन 4 सालों के भीतर कई मॉडरेट भूकंप भी आए हैं, साल 1991 में उत्तरकाशी में 6.5 मेग्नीट्यूड, साल 1999 में चमोली में 6.0 मेग्नीट्यूड के साथ ही साल 2017 में रुद्रप्रयाग में करीब 6.0 मैग्नीट्यूड के भूकंप आए थे. ये मॉडरेट भूकंप थे और सैलो डेप्थ से आये थे.
आज महसूस किए गए उत्तराखंड में भूकंप के झटके
उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार दोपहर को भूकंप के झटके महसूस हुए. समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के अनुसार दोपहर करीब 1:42 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता 3.8 रही. हालांकि, कहीं से भी किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है.




Comments
Add a Comment:
No comments available.