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UPSC CSE 2026 Exam Update- क्या UPSC ने एस्पिरेंट्स के साथ खेल किया है या नई नीति से नए उम्मीदवारों को मिलेगा फायदा?

हाल ही में UPSC ने वर्ष 2026 में होने वाली सिविल सेवा परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन में कुछ नए नियम जोड़े गए हैं, जिनके तहत पहले से चयनित अभ्यर्थी केवल विशेष शर्तों के अंतर्गत ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

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Image Credit: Drishti IAS
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By Sushant Kumar | Faridabad, Haryana | खबरें - 09 February 2026

खबर क्या है?

 UPSC ने वर्ष 2026 में होने वाली सिविल सेवा परीक्षा (CSE-2026) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिसका सीधा असर पहले से चयनित और नए उम्मीदवारों दोनों पर पड़ेगा।

IAS और IFS से जुड़े नए नियम

  • जो उम्मीदवार पहले से IAS या IFS के रूप में चयनित हो चुके हैं, वे CSE-2026 की परीक्षा में भाग नहीं ले सकते।

  • यदि कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा 2026 के बाद IAS या IFS के रूप में चयनित हो जाता है, तो वह CSE-2026 की मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा।

  • यदि किसी उम्मीदवार को CSE-2026 की मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन परिणाम घोषित होने से पहले IAS या IFS में नियुक्ति मिल जाती है, तो CSE-2026 के परिणाम के आधार पर उसे किसी भी सेवा में नियुक्ति नहीं दी जाएगी।

IPS से संबंधित प्रावधान

  • यदि किसी उम्मीदवार का चयन पिछली परीक्षा के आधार पर IPS के रूप में हो जाता है, तो वह CSE-2026 के परिणाम के आधार पर दोबारा IPS के रूप में नियुक्त नहीं हो सकेगा।

  • यदि कोई उम्मीदवार CSE-2026 में IPS के रूप में चयनित होता है, तो उसे सिर्फ एक बार अगली परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, वह भी ट्रेनिंग से छूट (exemption) मिलने की स्थिति में।

  • यह छूट केवल एक बार दी जाएगी और उसके बाद उम्मीदवार को Foundation Course (FC) ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से जॉइन करनी होगी।

  • यदि कोई उम्मीदवार ट्रेनिंग जॉइन नहीं करता या exemption नहीं लेता, तो CSE-2026 के तहत उसकी सेवा आवंटन (allocation) रद्द कर दी जाएगी।

Exemption और दो परीक्षा का विकल्प

  • यदि किसी उम्मीदवार ने exemption लेकर Foundation Course पूरा कर लिया है, तो उसे यह विकल्प मिलेगा कि वह CSE-2026 या CSE-2027 में से किसी एक परीक्षा को चुन सके।

  • यदि वह CSE-2027 में चयनित नहीं होता, तो उसे CSE-2026 के तहत मिली सेवा को जॉइन करने का अवसर मिलेगा।

  • लेकिन यदि उम्मीदवार CSE-2026 या CSE-2027 में अपनी ट्रेनिंग पूरी नहीं कर पाता, तो उसकी सेवा आवंटन रद्द कर दी जाएगी।

आगे की परीक्षाओं पर प्रतिबंध

  • जिस उम्मीदवार ने CSE-2027 में exemption लिया है, वह CSE-2028 की परीक्षा में तब तक शामिल नहीं हो सकता, जब तक वह अपनी सेवा से इस्तीफा (resignation) न दे दे।

CSE-2025 के उम्मीदवारों को राहत

  • जिन उम्मीदवारों को CSE-2025 के आधार पर कोई सेवा आवंटित हो चुकी है, उन्हें यह अवसर दिया जाएगा कि वे CSE-2026 या CSE-2027 में से किसी एक परीक्षा में भाग ले सकें, और इसके लिए उन्हें इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं होगी।

    आयोग ने ऐसा क्यों किया?

    Commission का मानना है कि इस नियम के लागू होने से नए उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा| जो लोग पहले से सर्विस में है, उसके बार-बार कैंडिडेट बनने से नए उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पाता है, इसलिए आयोग ने यह नियम लाने का फैसला किया है|  



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