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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद आज बांग्लादेश में पहली बार संसदीय चुनाव होने जा रहा है| 2024 में हुए तख्तापलट के बाद शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद वहां अंतरिम सरकार की कमान मोहम्मद यूनुस ने संभाला था| मोहम्मद यूनुस ने शेख हसीना की पार्टी ‘आवामी लीग’ को चुनाव लड़ने से बेन कर दिया था| आवामी लीग के बेन होने के बाद इस संसदीय चुनाव में दो बड़ी पार्टी चुनाव लड़ रही है, जिसमें बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की मृत्यु के बाद , ‘बांग्लादेश नेशन पार्टी’ को उनके बेटे तारीख रहमान लीड कर रहे है वही दूसरी पार्टी की बात की जाए तो वह है– जमात-ए- इस्लामी, जो की एक कट्टर इस्लामी विचारधारा की पार्टी है जिसको शफीकुर्रहमान लीड कर रहे है| यह चुनाव इन्हीं दो पार्टियों के बीच लड़ी जा रही है| बंगलदेश में कुल 350 सीट है जिसमें से आज 300 सीट पर मतदान किया जा रहा है, लेकिन खबर आ रही है कि जमात-ए- इस्लामी पार्टी ने देश में जगह-जगह बूथ कैप्चरिंग करना शुरू कर दिया है| बूथ कैप्चरिंग की घटना को लेकर जमात-ए- इस्लामी और बांग्लादेश नेशन पार्टी के समर्थकों के बीच मर-पीट की घटना देखने को मिल रही यही| बताया जा रहा है कि संसदीय क्षेत्र मीरपुर-10 में दोनों दलों के कार्यकर्तों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद बंगलदेश की आर्मी ने हालत को काबू में कर लिया है|
बांग्लादेश के इस्लामिस्ट-लीड वाले गठबंधन के चीफ शफीकुर्रहमान ने चेतावनी दी कि उनकी पार्टी देश के चुनावों में वोटिंग में धांधली के किसी भी आरोप का विरोध करेगी।
जमात-ए-इस्लामी के चीफ रहमान ने ढाका में वोट डालने के बाद रिपोर्टर्स से कहा, "अगर कोई आरोप सीरियस हैं, तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे -- जो भी ज़रूरी होगा, हम करेंगे।"
"हम नहीं चाहते कि लोग अपने डेमोक्रेटिक अधिकार खो दें। मैं सभी से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे अपने घरों से बाहर निकलें, अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों का इस्तेमाल करें और देश बनाने में हिस्सा लें।"




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