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कांग्रेस ने अपने ऑफिसियल X हैंडल पर एक अख़बार के पृष्ट को साझा करते हुए लिखा कि "संसद में PM केयर फंड, PM राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) और राष्ट्रीय रक्षा कोष (NDF) से जुड़े सवाल नहीं पूछे जा सकेंगे| ये निर्देश सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय ने लोकसभा सचिवालय को दिए हैं| PMO ने लोकसभा सचिवालय से कहा है इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि संसद में कोई भी सदस्य इन फंड्स पर सवाल न उठाए। इस तरह के आरोप लगा कर कांग्रेस ने सवाल उठाए हुए पूछा कि
सांसद जनता के प्रतिनिधि हैं, उन्हें जनहित के सवाल पूछने से क्यों रोका जा रहा है?
मोदी सरकार जनता के लाखों-करोड़ रुपये का हिसाब क्यों नहीं देना चाहती?
आखिर मोदी सरकार देश की जनता से क्या छुपाना चाह रही है?
क्या अब देश की संसद नरेंद्र मोदी की मनमर्जी से चलेगी?
इस तरह आरोप लगाते हुए कहा ये सीधे तौर पर तानाशाही है। संसद का अपमान है और सांसदों के अधिकारों पर हमला है।
अब सवाल है क्या ये कांग्रेस का आरोप है या फिर इसमें कुछ सच्चाई भी है?
असल में वास्तव में ऐसा ही कुछ प्रधानमंत्री के कार्यालय की तरफ से जारी किया गया है, जिसमें लोक सभा सचिवालय को निर्देश दिया गया है कि संसद में PM केयर फंड, PM राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) और राष्ट्रीय रक्षा कोष (NDF) से जुड़े सवाल स्वीकार नहीं होंगे|
यह निर्देश लोकसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियम 41(2)(viii) और 41(2)(xvii) के तहत दिया गया जो स्पष्ट करता है कि सवाल ऐसे किसी मामले से संबंधित नहीं होना चाहिए, जो प्राथमिक रूप से भारत सरकार की चिंता या जिम्मेदारी न हो। यह नियम उन विषयों पर सवाल पूछने से रोकता है जो केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं।
इस नियम के आते ही विपक्ष सरकार को तानाशाही घोषित कर दिया| कांग्रेस के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने कहा क्या प्रधानमंत्री कार्यालय यह तय करेगा कि संसद किस चीज पर सवाल पूछ सकती है या नहीं? सरकार ने पहले इसे RTI एक्ट से बाहर किया और कहा कि हम इस पर सवाल जवाब नहीं देंगे| उन्होंने कहा कि pm केयर फण्ड में भारत के लोग और सरकारी कंपनियां पैसा डालती हैं…
ऐसे में इसकी जवाबदेही कैसे नहीं?




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