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बसंत पंचमी का त्योहार आज देशभर में मनाया जा रहा है। इस शब्द का अर्थ देखें तो बसंत मतलब बसंत का मौसम और पंचमी का अर्थ है पांचवी तारीख। इस दिन सरस्वती जी की पूजा अर्चना की जाती है। इसलिए इसे सरस्वती जयंती भी कहते हैं। वही इस दिन स्कूल, कॉलेजों में खास तौर पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी माघ मास में मनाई जाती है। इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं और पीले रंग के फूल मां सरस्वती की पूजा में अर्पित करते हैं। इस मौके पर सभी एक-दूसरे को इस दिन की शुभकामनाएं भी देते है।
बंसत पंचमी पर शुभ मुहूर्त
इस बार बंसत पंचमी के दिन रवि योग और अमृत सिद्धि योग का खास संयोग बन रहा है। पूरे दिन रवि योग रहने से इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है। जिसमें सुबह 6 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।

बंसत पंचमी का महत्व
शिक्षा की शुरुआत करने या किसी नई कला को शुरु करने के लिए बंसत पंचमी का दिन शुभ माना जाता है। वही कई लोग इस दिन गृह प्रवेश भी करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन कामदेव की पत्नी रति के साथ पृथ्वी पर आते हैं इसलिए जो पति-पत्नी इस दिन भगवान कामदेव और देवी रति की आराधना करते हैं तो उनकी मैरिड लाइफ में कभी कोई मुश्किलें नहीं आती हैं। यही नहीं इस दिन लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने का भी विधान हैं।
दोस्तों को दें ऐसे शुभकामनाएं
- सहस शील हृदय में भर दे,
जीवन त्याग से भर दे, संयम सत्य स्नेह का वर दे,
मां सरस्वती आपके जीवन में उल्लास भर दे,
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
- वीणा लेकर हाथ में,
मां सरस्वती सदा रहें आपके साथ,
मिले माँ का आशीर्वाद आपको हर दिन,
हर बार हो मुबारक़ आपको सरस्वती पूजा का ये दिन




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