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नई दिल्ली, November 7, 2026: AI Cyber Attack: भारतीय बैंकों से पैसे-डेटा चुराने की कोशिश, AI हैकर्स का हमला, चीनी टूल्स का किया इस्तेमाल।
बुधवार को जारी एक एडवाइजरी के अनुसार, इस हैंकिंग ग्रुप को इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने क्राफ्टी फाल्कन (Crafty Falcon) नाम दिया है। ग्रुप ने नॉन-बैंक लेंडर्स, फिनटेक कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों की सुरक्षा में सेंध लगाई है। CERT-In ने यह नहीं बताया कि इन हमलों के पीछे कौन है या यह संगठन कहां से काम करता है।
यह चेतावनी भारतीय बैंकों और वित्तीय कंपनियों पर हाल ही में हुए साइबर हमलों के बाद जारी की गई है। इन हमलों को देखते हुए सरकारी अधिकारियों ने पहले ही सतर्क रहने को कहा था, जिसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी सभी वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा की जांच और नियमों को और कड़ा कर दिया है।
CERT-In के अनुसार, क्राफ्टी फाल्कन (Crafty Falcon) नाम का यह हैकिंग ग्रुप AI और मशीन लर्निंग की मदद से कंपनियों पर नजर रखता है। इसके बाद, यह पीड़ितों के खुद के पेमेंट और बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाकर चालाकी से पैसे उड़ा लेता है।
हमले छुट्टियों, वीकेंड और ऐसे समय में किए गए, जब लोगों की नजर कम होती है। ताकि इनका पता देर से चले। एजेंसी ने बताया कि जिन कंपनियों ने पहले मिली चेतावनियों के बाद कमियों को ठीक किया था, उन पर फिर से हमला किया गया, क्योंकि उन्होंने कमियों को पूरी तरह से दूर नहीं किया था।
देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने पिछले महीने जानकारी दी कि डार्क वेब पर उसके 3,897 ग्राहकों का डेटा लीक हो गया है। नॉन-बैंक लेंडर स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल (Spandana Sphoorty Financial) ने 1 नवंबर को अपने बैंक अकाउंट से बिना परमिशन के पैसे निकाले जाने की रिपोर्ट दी और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने बताया कि वह ग्राहकों के डेटा लीक होने की संभावना की जांच कर रहा है। CERT-In ने यह नहीं बताया कि कौन सी घटनाएं क्राफ्टी फाल्कन से जुड़ी थीं। CERT-In ने बताया कि हमलावर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध AI टूल्स का इस्तेमाल करके मशीन की गति से सुरक्षा में सेंध लगाते हैं। एजेंसी ने इस खतरे को सक्रिय और जारी बताया है।
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Carol M. Highsmith, Wikimedia Commons, Public domain

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