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चर्चा में क्यों है?
कल मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश के अंतरिम सलाहकार के पद पर रहते हुए अपना अंतिम भाषण दिया, जिसमें उसने कहा कि अब बांग्लादेश किसी के अंदर में रहने वाला देश नहीं रहा है, आगे अपने भाषण में यूनुस ने भारत का नाम लिए बगैर भूटान, नेपाल के साथ ‘सेवन सिस्टर्स’ का जिक्र किया|
बांग्लादेश में यूनुस की भूमिका ?
बांग्लादेश में 2024 में हुए विद्रोह के बाद वहां की जनता ने बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटा दिया था, जिसके हसीना को देश छोड़ कर भारत में शरण लेना पड़ा था|
प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में राष्ट्रपति, सैन्य अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चाओं के बाद, नोबेल विजेता यूनुस को अंतरिम नेता नियुक्त किया गया। 8 अगस्त, 2024 को बंगभवन में आयोजित एक समारोह में यूनुस ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शपथ ग्रहण समारोह का संचालन किया। हालांकि बांग्लादेश के संविधान में 2011 से अंतरिम सरकार का प्रावधान नहीं है, फिर भी आवश्यकता के सिद्धांत के आधार पर यूनुस को सलाहकार बनाया गया| तब से लेकर फरवरी, 2026 तक यूनुस ने बांग्लादेश में सलाहकार के तौर शासन चलाया, इसी महीने हुए बांग्लादेश की संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनल पार्टी को बहुमत मिला जिसके बाद आज तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली| तारिक रहमान के शपथ लेने से एक दिन पहले यूनुस ने अपना इस्तीफा दिया|
इस मौके पर राष्ट्र के नाम संबोधन दिया| यह सम्बोधन 25 मिनटों तक चला, जिसमें यूनुस ने कहा कि उनके 18 महीने के कार्यकाल में बांग्लादेश की विदेश नीति ने तीन मुख्य आधारों — संप्रभुता, राष्ट्रीय हित और सम्मान को फिर से स्थापित किया और घोषणा की कि देश अब "दूसरे देशों के निर्देशों के आगे नहीं झुकेगा" या उनसे निर्देशित नहीं होगा।
विदाई भाषण में ऐसा क्या कहा की भारत को आपत्ति हो गई ?
यूनुस ने सीधे भारत का नाम लिए बिना भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों का ज़िक्र करते हुए कहा, “हमारा खुला समुद्र सिर्फ़ एक ज्योग्राफिकल बाउंड्री नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश के लिए दुनिया की इकॉनमी से जुड़ने का एक खुला दरवाजा है। नेपाल, भूटान और सेवन सिस्टर्स के साथ इस इलाके में बहुत ज्यादा इकोनॉमिक पोटेंशियल है।”
उन्होंने कनेक्टिविटी, ट्रेड एग्रीमेंट, इकोनॉमिक ज़ोन और बांग्लादेश के ज़रिए समुद्री पहुँच के आस-पास बने गहरे सब-रीजनल इकोनॉमिक कोऑपरेशन का प्रस्ताव रखा।
यह विदाई भाषण ऐसे समय में आया है जब यूनुस को अपने अंतरिम प्रशासन के माइनॉरिटी सुरक्षा, डेमोक्रेटिक बदलाव और विदेशी संबंधों को संभालने के तरीके को लेकर देश में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कनेक्टिविटी, ट्रेड एग्रीमेंट, इकोनॉमिक ज़ोन और बांग्लादेश के ज़रिए समुद्री पहुँच के आस-पास बने गहरे सब-रीजनल इकोनॉमिक सहयोग का प्रस्ताव रखा।




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