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नई दिल्ली, November 6, 2026: दिवाली पर छुट्टी के बावजूद एक घंटे के लिए क्यों खुलता है शेयर बाज़ार?।
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लोड हो रहा है लोड हो रहा है दिवाली के दिन शेयर बाज़ार में सामान्य कारोबार बंद रहता है. इसके बावजूद बाज़ार कुछ समय के लिए खुलता है और लोग शेयर ख़रीदते और बेचते हैं. इस ख़ास सत्र को 'मुहूर्त ट्रेडिंग' कहते हैं.
त्योहार के दिन होने वाला यह क़ारोबार केवल शेयरों की ख़रीद-बिक्री नहीं है. बहुत लोगों की ऐसी मान्यता है कि दिवाली में कारोबार का यह समय शुभ होता है. इसलिए अरसे से नई शुरुआत करने, पूजा करने और नए कारोबारी साल का स्वागत करने की यह परंपरा चली आ रही है.
डीआर चोकसी फ़िनसर्व के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी कहते हैं कि इसकी कहानी शुभ मुहूर्त में कुछ नया ख़रीदने की परंपरा से जुड़ी है.
उनके मुताबिक़, दिवाली और धनतेरस पर लोग कोई नई चीज़ ख़रीदकर घर लाते हैं. कुछ लोग किताबें ख़रीदते हैं तो कुछ धातु से बनी चीज़ें.
शेयर बाज़ार से जुड़े लोगों ने इसी सोच को निवेश से जोड़ लिया. वे शुभ समय में शेयर ख़रीदकर नए साल में अपने क़ारोबार और निवेश की शुरुआत करने लगे.
लेकिन शेयर बाज़ार में यह परंपरा कब शुरू हुई? पुराने समय में लोग मुहूर्त ट्रेडिंग कैसे करते थे? और क्या आज भी यह केवल एक रस्म है या इस दौरान असली सौदे होते हैं?
पुराने समय में दिवाली की तैयारी केवल घरों और दुकानों में नहीं होती थी. शेयर बाज़ार के ब्रोकरों के दफ़्तरों में भी त्योहार की तैयारियां की जाती थीं.
द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, धनतेरस पर ब्रोकर अपने दफ़्तर साफ़ करते थे. चोपड़ी (अकाउंटिंग रजिस्टर) खरीदते और पहले से ऑर्डर की गई सौदा बुक को व्यवस्थित करते थे.
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इसके बाद लक्ष्मी पूजन और 'चोपड़ा पूजन', यानी बहीखातों की पूजा होती थी. आने वाले साल में अच्छा क़ारोबार होने की उम्मीद के साथ यह पूजा की जाती थी.
रिपोर्ट में दलाल एंड ब्रोचा सिक्योरिटीज़ के पुराने ब्रोकर प्रियकांत दलाल के अनुभव भी दर्ज हैं. इसके मुताबिक़, वह 1955 से ऐसे आयोजनों में शामिल होते रहे थे.
उस दौर में कई ब्रोकरों के दफ़्तर बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) के आसपास थे. पूजा के बाद एक-दूसरे के दफ़्तर जाकर शुभकामनाएं देना आसान था. दिवाली के दिन ब्रोकर मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए बीएसई के बड़े हॉल में जुटते थे.
दलाल का अनुभव उस दौर की परंपरा समझाता है. हालांकि, उनका 1955 से आयोजनों में शामिल होना उस साल एक्सचेंज में औपचारिक मुहूर्त ट्रेडिंग शुरू होने का प्रमाण नहीं है.
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Subharnab Majumdar, Wikimedia Commons, CC BY 2.0

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