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नई दिल्ली, November 5, 2026: Gold-Silver Rate: अभी और गिरेगा... ये इंतजार पड़ा महंगा, सोना-चांदी की कीमतों का गदर।
सोना का भाव रुक नहीं रहा एमसीएक्स पर सोने की वायदा कीमत पर नजर डालें, तो गुरुवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 4 दिसंबर की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,46,109 रुपये पर पहुंच गया, जबकि बीते कारोबारी दिन बुधवार को ये कीमती पीली धातु 1,43,234 रुपये पर क्लोज हुई थी. यानी सोना एक झटके में 2875 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया.
नवंबर की शुरुआत में बड़ी उथल-पुथल सोने की कीमतों में फेस्टिव सीजन में अक्टूबर महीने में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी और Gold Rate Crash नजर आया था. नवंबर महीने की शुरुआत में भी गिरावट आई. 30 सितंबर को 10 ग्राम सोना 1,49,036 रुपये का था, जो 30 अक्टूबर को फिसलते हुए 1,38,485 रुपये पर आ गया था. यानी सोना 10,551 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ था. लेकिन अब ये अक्टूबर महीने के आखिरी कारोबारी दिन से 7624 रुपये चढ़ गया है.
दो दिन में 11000 रुपये हुई महंगी Silver Price Rally को देखें, तो सिर्फ दो दिनों में अब तक चांदी की कीमत 11000 रुपये प्रति किलो ग्राम से ज्यादा उछल चुकी है. दरअसल, बीते मंगलवार के भाव 1,79,698 से वर्तमान भाव की तुलना करें, तो 4 दिसंबर की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी की कीमत में 11,248 रुपये प्रति किलोग्राम का उछाल आ चुका है.
अक्टूबर में Silver दनादन क्रैश इससे पहले बीते अक्टूबर महीने में चांदी की कीमत ने इसमें पैसा लगा चुके निवेशकों को हैरान किया था, तो वहीं नए खरीदारों को सुनहरा मौका दिया था. दरअसल, पूरे महीने सिल्वर प्राइस क्रैश देखने को मिला था. बीते 30 सितंबर को MCX Silver Price 2,23,706 रुपये था, जो 30 अक्टूबर को गिरते हुए 1,79,132 रुपये प्रति किलो पर आ गया. यानी चांदी एक महीने में ही 44,574 रुपये सस्ती हो गई थी.
वहीं 'धनवेस्टर' की संस्थापक और सीईओ अनुष्का सोहम बाथवाल का कहना है कि धनतेरस पर सोना खरीदने की परंपरा बनी हुई है, लेकिन अब इसे निवेश के रूप में भी देखा जा रहा है. अगर आप आभूषण या सिक्कों के बजाय केवल निवेश चाहते हैं, तो गोल्ड ETF एक बेहतर विकल्प है, जहां मेकिंग चार्ज, जीएसटी और सुरक्षा की चिंता नहीं रहती है.
सोने के दाम हाल ही में गिरे हैं, ऐसे में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय अगले कुछ महीनों में किस्तों में खरीदारी करें. पोर्टफोलियो में इक्विटी (शेयर) जहां संपत्ति बढ़ाती है, वहीं सोना बाज़ार के उतार-चढ़ाव में स्थिरता देता है. त्योहार के उत्साह में भावनाओं में बहने के बजाय, अपनी वित्तीय योजनाओं और पोर्टफोलियो की जरूरत के अनुसार ही सोच-समझकर सोना खरीदें.
(नोट: सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह लें.)
स्रोत: Instafeed Desk।

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