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New Delhi, November 6, 2026: हाई रिस्क श्रेणी के लोग सर्दियों में बरतें सतर्कता, वायरल संक्रमण से बचाव के लिए लगवाएं फ्लू की वैक्सीन.
The source note says: सर्दियों में हाई रिस्क वाले लोगों को वायरल संक्रमण और प्रदूषण से बचने के लिए फ्लू वैक्सीन लगवाने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
The source note says: वायरल संक्रमण से बचाव को हाई रिस्क वाले लगवाएं फ्लू वैक्सीन।
The source note says: जागरण संवाददाता, मेरठ। सर्दी शुरू हो चुकी है। वातावरण में ठंडक बढ़ रही है। इसके साथ वायु प्रदूषण भी अपने चपेट में ले रहा है। इस मौसम परिवर्तन के समय हाई रिक्स श्रेणी के लोग सबसे ज्यादा सतर्कता बरतें। हाई रिस्क श्रेणी में वो लोग आते हैं, जो बीपी, शुगर, सांस, हृदय रोग, कैंसर, अर्थराइटिस, पुराने लकवे की बीमारी से परेशान हैं। इनको वायरल संक्रमण से बचने के लिए फ्लू की वैक्सीन तत्काल लगवा लेनी चाहिए।
The source note says: साल में एक बार लगती है। इसके अलावा धूप जरूर सेंके। इन दिनों विटामिन डी की जरूरत बुजुर्गों को सबसे अधिक होती है। सर्दियों में विटामिन डी की कमी से कमजोर हड्डि्यों के चलते अक्सर बुजुर्गों के गिरने से चोटिल होने के मामले बढ़ जाते हैं। यह विटामिन इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है।
The source note says: धूल-धुआं और धुंध का मिश्रण सुबह जल्दी टहलने जाने वालों की सेहत बिगाड़ सकता है। इसलिए हाई रिस्क श्रेणी के लोग टहलने का समय बदल दें। यह बातें वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में कही। उन्होंने फोन पर बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं के निदान बताए। पिता को रात में छींक व खांसी बहुत आती है। माता के हाथ-पैरों में सर्दियों अक्सर सूजन बनी रहती है। -विनोद रोहटा रोड। -मौसम के साथ खानपान मेें बदलाव करें। ठंडी व खट्टी चीजें खाने से बचें। गुनगुना पानी पीएं। सर्दियों में सूजन की स्थिति बनती है। गुनगुने पानी में काम करें। दास्ताने पहनें।
The source note says: 65 साल की उम्र है। पैरों में दर्द रहता है। साइकिल चलाने पर बढ़ जाता है। क्या करें।- तेजवीर सिंह, रोहटा रोड।
The source note says: ठंड में हड्डियों व मांस पेशियों में दर्द की समस्या होती है। कैल्शियम लें। फिजियोथैरेपी कराएं। मेरे गले में खराश है। 26 साल की उम्र है। सर्दियों में परेशान रहता हूं। -ईश्वर सिंह, भावनपुर।
The source note says: खाने में ठंडी व खट्टी चीजों से परहेज करेें। मौसमी फल और हरी सब्जी का सेवन बढ़ाएं। नमक के गरारे, गुनगुना पानी लें।
The source note says: बीपी-शुगर भी है और गले में खराश भी बनी रहती है।-प्रेम प्रधान, मेरठ।
The source note says: बीपी की दवा ठंड में बढ़ा सकते हैं। शुगर नियंत्रित रखें। बाहर जाएं तो मास्क का प्रयोग करें। एलर्जी से बचेंगे।
The source note says: आंख, नाक में पानी आ रहा है। गले में खराश और दर्द है।- सलोनी किलोना। खट्टी-ठंडी चीजें नहीं खानी है। गुुनगुना पानी और सुबह-शाम गरारे करने हैं। माता की उम्र 50 साल है। बदन दर्द से कराह रही हैं। भूख भी नहीं लगती है।-टीना, मुजफ्फरनगर। मेनोपोज की स्थिति में हार्मोनल बदलाव का असर हो सकता है। धूप सेकें। इससे विटामिन डी मिलेगा। कैल्शियम लें। पालक, गाजर, बथुआ, मेथी की सब्जी खाएं। अनार, सेब संतरा भी लें। यदि शुगर है तो चीनी-मैदा न लें। गले में कई दिनों से खराश है। सायं-सायं की आवाज आती है।-गफ्फार, मेरठ।
The source note says: धूल, धुएं से बचें। घर से बाहर जाएं तो मास्क जरूर लगाएं। गरारें करें और सोने से पहले भाप लें।
The source note says: गले में कई दिनों से संक्रमण है। वायरल बुखार भी है। -संजय ताेमर, मेरठ। हर बुखार वायरल नहीं होात है। चिकित्सक को दिखाकर जांच कराएं। एंटी बायोटिक दवा अपने से न लें। सर्दियों में पत्नी को सांस लेने में परेशानी होती है। - राजेंद्र कैलासपुरी।
The source note says: प्रदूषण के दौरान यह समस्या बढ़ सकती है। घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूरी है। ब्लोअर या हीटर घर के अंदर न चलाएं। भाप व गरारे फायदा करेंगे।
Source: Instafeed Desk.
Photo: per source. Please credit "Family photos of Infrogmation"., Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.5

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