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नई दिल्ली, November 7, 2026: अयोध्या में दीपोत्सव का आगाज... दीपों की रोशनी से जगमगाई रामनगरी।
दीपोत्सव की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं. घाटों पर पहले से दीये बिछाए गए थे और आयोजन से पहले उनमें तेल और रुई की बाती डालने का काम पूरा कर लिया गया था. स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली और घाटों पर दीयों को जलाने से लेकर उन्हें व्यवस्थित करने तक की जिम्मेदारी निभाई.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव में शामिल होकर सरयू नदी के तट पर आरती की. इसके बाद राम की पैड़ी समेत सरयू के किनारे बने घाटों पर दीपों की रोशनी का भव्य नजारा देखने को मिला. राम की पैड़ी लाखों मिट्टी के दीयों से रोशन नजर आई.
अयोध्या पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राम मंदिर में दर्शन किए. उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद एक संत राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और देश के प्रधानमंत्री बने. उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को सिर्फ स्मार्ट सिटी या सोलर सिटी नहीं, बल्कि आध्यात्मिक नगरी बताया है.
उन्होंने कहा कि मंदिर में दर्शन के बाद उन्हें गर्व महसूस हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राम मंदिर पूरे हिंदू समाज के आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया है.
दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामभक्तों पर गोली चलवाने वालों को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अयोध्या जरूर आएं और यहां आकर एक बार माफी मांगकर जाएं. उनके मुताबिक प्रभु श्रीराम उन्हें माफ कर देंगे.
सीएम योगी ने कहा कि लंबे समय तक अयोध्या की उपेक्षा हुई और राम के अस्तित्व को नकारने वाले लोग आज राम का नाम ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर मामले में अदालत में वकीलों की फौज खड़ी की थी, वही लोग आज राम का नाम ले रहे हैं. उन्होंने इसे वैचारिक विजय बताया.
उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, माता शबरी और महाराज जटायु भी विराजमान हैं. उनके मुताबिक जिन लोगों ने अयोध्या की उपेक्षा की और संतों का अपमान करते हुए उन पर लाठियां चलवाईं, आज वही अयोध्या बदली हुई नजर आ रही है.
दीपोत्सव 2026 के मौके पर अयोध्या पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया. सीएम योगी ने कहा कि तमिलनाडु के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे उपराष्ट्रपति ने भारत की परंपराओं और संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ देश के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं.
उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या की पवित्र धरती पर भारत के उपराष्ट्रपति का स्वागत और अभिनंदन करना उनके लिए सम्मान की बात है. सीएम योगी ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय ऐसा लगा था जैसे अयोध्या की धरती पर आसमान से फूलों की बारिश हो रही हो.
दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम और माता जानकी की पूजा-अर्चना की और आरती उतारी. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए और आरती की.
दीपोत्सव को लेकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को फूलों से सजाया गया था. मंदिर परिसर की सजावट ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा. दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिला.
दीपोत्सव को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी. पूरे आयोजन क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया था. करीब 6 हजार पुलिसकर्मियों के साथ 20 एडीएल एसपी और 45 सीओ को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था. सुरक्षा के लिए पीएसी की 9 कंपनियां और आरएएफ की 3 कंपनियां तैनात की गई थीं. इसके अलावा यूपी एटीएस की दो कमांडो टीमें भी कार्यक्रम की सुरक्षा में लगाई गई थीं. सरयू नदी में सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं, जबकि तटबंधों पर पीएसी की फ्लड कंपनी को लगाया गया था.
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Uprising Man, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

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