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नई दिल्ली, November 7, 2026: बागडोगरा में रक्षा मंत्री का ऐलान: साइबर सुरक्षा और तैयारियों पर जोर, अग्निवीरों को मिला दीवाली उपहार।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज का सुरक्षा परिदृश्य पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है. युद्ध अब सिर्फ सीमाओं पर पारंपरिक संघर्ष तक सीमित नहीं रहा. इसमें असमान युद्ध, प्रॉक्सी वॉर, साइबर हमले, ड्रोन स्वार्म, सूचना अभियान और नैरेटिव प्रबंधन जैसी नई चुनौतियां शामिल हो गई हैं.
दुश्मन अक्सर सीधे मुकाबले से बचता है. हमारी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करता है. सोशल मीडिया के जरिए वह स्थानीय लोगों और सैनिकों के मन में गलत सूचनाएं फैलाकर संदेह पैदा कर सकता है. ऐसे में सैनिकों की भूमिका सामान्य से कहीं आगे बढ़ जाती है.
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स्रोत के मुताबिक: A soulful rendition by our talented IAF Air Warriors! Their voices reflect the same passion, pride and dedication that define their service to the nation. Truly a treat to listen to! https://t.co/SOJAZ5XMRK
बागडोगरा को रक्षा मंत्री ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण कड़ी बताया. यह क्षेत्र उत्तर-पूर्वी भारत की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है. यहां तैनात वायु योद्धा पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा के मजबूत कवच के रूप में काम कर रहे हैं. उनकी तैयारी पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए आधारभूत है. राजनाथ सिंह ने कहा कि तकनीकी प्रगति के बावजूद अनुशासन और साहस अपरिहार्य बने हुए हैं.
सैनिकों का आचरण, व्यवहार, भाषा और संयम स्थानीय समुदायों के बीच सेना की छवि बनाता है. उन्होंने कर्मियों की सराहना की और कहा कि वे बागडोगरा और आसपास के इलाकों में स्थानीय लोगों से जुड़ाव बढ़ाएं. लोगों और रक्षा बलों के बीच विश्वास और स्नेह के रिश्ते को और मजबूत करें. जितना अधिक स्थानीय समुदाय से संपर्क होगा, दुश्मन की साजिशें उतनी ही कमजोर पड़ेंगी. यह बात क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को दोहराया. उन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स और उद्योगों द्वारा ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और उन्नत सैन्य उपकरणों के विकास की सराहना की. रक्षा बलों ने स्वदेशी तकनीकों को अपनाया है और ड्रोन संचालन तथा साइबर सुरक्षा में नए कौशल हासिल किए हैं.
उन्होंने जोर दिया कि सेना को और अधिक तकनीक आधारित बनाना होगा ताकि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके. आधुनिक युद्ध में साइबर स्पेस और सूचना युद्ध उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं जितने पारंपरिक हथियार. इसलिए डोमेन अवेयरनेस और सूचना की सत्यता बनाए रखना जरूरी है.
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स्रोत के मुताबिक: Interacting with the IAF Air Warriors at Bagdogra airfield. https://t.co/3liwK5PNQF
कैबिनेट द्वारा अग्निवीरों के लिए ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी दिए जाने का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने इसे अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण दीवाली उपहार बताया. उन्होंने कहा कि दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने के बाद सभी अग्निवीर नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर पाएंगे.
इसके लिए उनकी इच्छा और चयन मानदंड पूरे करने की शर्त होगी. यह निर्णय सरकार की रक्षा बलों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. अग्निवीर योजना को लेकर पहले उठे सवालों के बीच यह कदम युवाओं को सेना में लंबे समय तक सेवा का मौका देता है और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास है.
रक्षा मंत्री ने वायु योद्धाओं और उनके परिवारों को दीवाली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान परिवार से दूर रहकर भी सैनिक देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अडिग हैं. उन्होंने परिवारों के बलिदान और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया.
सीमाओं की रक्षा करते हुए सैनिक जब डटे रहते हैं तो राष्ट्र उनके परिवारों के साथ खड़ा रहता है और उनके कल्याण का ध्यान रखता है. इस मौके पर वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित , बागडोगरा स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर मनीष शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Uprising Man, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

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