Story Content
केंद्र सरकार ने 19 अप्रैल, 2026 को महिला आरक्षण बिल पर 'अक्सर पूछे जाने वाले सवालों' (FAQs) की एक पूरी सूची प्रकाशित की। यह कदम तब उठाया गया जब लोकसभा में संविधान संशोधन का एक प्रयास विफल हो गया था—जिसका उद्देश्य महिलाओं को 33% आरक्षण प्रदान करना था।
इन FAQs में इस बात पर चर्चा की गई है कि यह बिल क्यों पेश किया गया, जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से इस बिल को क्यों जोड़ा जाना चाहिए, और इसे किस तरह लागू किया जाना चाहिए। इसके मूल संस्करण—'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023)—में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए एक-तिहाई (33%) सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। हालाँकि, यह अधिनियम 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आधार पर किए जाने वाले परिसीमन के बाद ही प्रभावी होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया कि इन नए प्रस्तावों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं के लिए यह कोटा शायद 2029 के चुनावों तक लागू हो जाए, ताकि इसके लिए अनिश्चित काल तक इंतज़ार न करना पड़े। इस बदलाव से समय से जुड़ी समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी और इस बात को लेकर जो चिंताएँ हैं कि महिलाओं के लिए बुनियादी आरक्षण का मूल उद्देश्य बना रहे, वे भी दूर होंगी। इन FAQs ने एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है, क्योंकि सरकार अब इस बात का रास्ता तलाश रही है कि विधायिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कैसे बढ़ाया जाए।




Comments
Add a Comment:
No comments available.