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नई दिल्ली, November 6, 2026: IPL मेगा ऑक्शन में खिलाड़ियों को मिलेंगे 40-40 करोड़ रुपये, नई रिपोर्ट ने बढ़ाई टीमों की टेंशन।
आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में टीमों का पर्स 120 करोड़ रुपये था, जिसमें से पर्स का करीब एक चौथी हिस्सा लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत पर खर्च कर दिया था। ऐसा ही पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर के लिए किया था। अब 2028 के आईपीएल से पहले मेगा ऑक्शन होगा, जिसमें टीमों का पर्स 150 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। इतनी बड़ी रकम को देखकर खिलाड़ियों की बांछें खिल गई हैं और उन्होंने रिटेंशन की रकम को 40 करोड़ रुपये सेट करने पैमाना बना लिया है।
क्रिकबज की रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ खिलाड़ियों ने टीमों को बोल दिया है कि उन्हें रिटेन करना है तो 40 करोड़ रुपये की कीमत चुकानी होगी। अन्यथा वे मेगा ऑक्शन में जाना जरूरी समझेंगे। वहां उन पर पैसों की बारिश हो सकती है। माना जा रहा है कि अभी से कुछ खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी को बता दिया है कि वे तभी टीम में बने रहेंगे, जब उन्हें उतनी रकम दी जाएगी। इतना ही नहीं, और भी खिलाड़ी ऐसी डिमांड कर सकते हैं, क्योंकि वे जो मानते हैं कि मेगा ऑक्शन में हिस्सा लेकर उन्हें बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं।
खिलाड़ियों को लग रहा है कि अगर 120 करोड़ रुपये के पर्स से एक खिलाड़ी को 27 करोड़ दिए जा सकते हैं तो 150 करोड़ रुपये के पर्स से 40 करोड़ भी दिए जा सकते हैं। 40 नहीं तो कम से कम 35 करोड़ रुपये टॉप रिटेंशन को मिलने की संभावना नजर आ रही है। उन फ्रेंचाइजियों को सबसे ज्यादा समस्या होने वाली है, जो अपने मार्की प्लेयर्स को रिटेन करती ही करती हैं। मुंबई इंडियंस का ही उदाहरण लें तो पिछली बार उन्होंने रोहित शर्मा , जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या , सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा को रिटेन किया था।
हालांकि, अगले मेगा ऑक्शन में एकसाथ बड़े खिलाड़ियों को लगभग एक जैसे अमाउंट पर रिटेन करना संभव नहीं होगा। मुंबई ने 18 करोड़ जसप्रीत बुमराह को दिए थे, जबकि सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या को 16.35-16.35 करोड़ रुपये दिए थे। रोहित शर्मा को 16.30 करोड़ में रिटेन किया था और तिलक को 8 करोड़ दिए थे। बीसीसीआई ने स्लैब बनाया था कि टीमें 18 करोड़, 14 करोड़ और 11 करोड़ अपने खिलाड़ियों को दे सकती हैं, लेकिन 5 खिलाड़ियों को रिटेन करने पर उनके पर्स से 75 करोड़ काटे जाएंगे। अगर इससे ज्यादा की रकम में टीमें अपने प्लेयर्स रिटेन करती हैं तो उतनी रकम 120 करोड़ से काटी जाएगी।
आईपीएल 2008 में टीमों का पर्स 20-20 करोड़ था। 2014 में बढ़कर 60 करोड़ हुआ। 2018 में 80 करोड़, 2022 में 90 और 2025 में 120 करोड़ रुपये टीमों के पर्स में गए। अब 2028 में 150 करोड़ का पर्स होने की संभावना है, लेकिन अभी इसकी पुष्टी नहीं हुई है। यहां तक कि मिनी ऑक्शन में इस साल टीमों के पर्स में 130 करोड़ रुपये होंगे तो जाहिर है कि मेगा ऑक्शन में 150 करोड़ तक आंकड़ा पहुंचने की संभावना है। इतना बड़ा पर्स देखकर ही खिलाड़ी 40 करोड़ की डिमांड कर रहे हैं।
हालांकि, ज्यादा से ज्यादा एक खिलाड़ी को ही इतनी बड़ी रकम एक टीम से मिल सकती है और वह भी 40 करोड़ का आंकड़ा अभी के लिए संभव नहीं लग रहा है। संभावना इस बात की है कि 30 से 35 करोड़ तक यह आंकड़ा एक खिलाड़ी के लिए जा सकता है। खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो कप्तानी करते हैं और या फिर उनकी वैल्यू कम से कम इतनी है। उदाहरण के तौर पर अगर जसप्रीत बुमराह ऑक्शन में होंगे तो वह सारे रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। ऐसे में वह अगर 35 से 40 करोड़ की डिमांड करते हैं तो यह गलत भी नहीं होगा।
विकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स
विकाश गौड़ पिछले 8 वर्षों से हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के स्पोर्ट्स सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (असिस्टेंट मैनेजर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
परिचय और अनुभव: विकाश गौड़ भारतीय डिजिटल स्पोर्ट्स मीडिया का एक उभरता हुआ चेहरा हैं। लगभग 8 वर्षों के अनुभव के साथ, विकाश ने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को जमीन से समझा है। 2016 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले विकाश ने डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच के साथ खेल पत्रकारिता में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जनवरी 2021 से वह 'लाइव हिन्दुस्तान' की स्पोर्ट्स टीम के मुख्य स्तंभ बने हुए हैं, जहां वह कंटेंट प्लानिंग और स्पोर्ट्स कवरेज का नेतृत्व करते हैं।
करियर का सफर: मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ से पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद विकाश का सफर 'खबर नॉन स्टॉप' से शुरू हुआ था, जो अब देश के प्रतिष्ठित मीडिया घरानों तक फैला हुआ है। उन्होंने पत्रिका समूह की

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