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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बाज़ार में ज़बरदस्त उछाल आने की संभावना है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू AI बाज़ार 2032 तक बढ़कर 131.31 बिलियन डॉलर तक पहुँच जाएगा। यह 2020 में ही $2.97 बिलियन का आँकड़ा पार कर चुका था, और अनुमान है कि 2024 तक यह 7.63 बिलियन डॉलर तक पहुँच जाएगा, तथा अगले कुछ वर्षों में इसकी विकास दर 42.2 प्रतिशत रहेगी।
इस तेज़ी की वजह डिजिटल क्षेत्र में हो रहे ज़बरदस्त बदलाव और सरकारी पहलें हैं—जैसे कि 'IndiaAI मिशन', AI पर आधारित नए स्टार्टअप्स का उदय, और स्वास्थ्य सेवा, BFSI, खुदरा व्यापार, विनिर्माण तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में इसका बड़े पैमाने पर हो रहा उपयोग। दुनिया भर में AI का बाज़ार 2020 में 103.6 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में 288.8 अरब डॉलर हो गया है, जबकि भारत में इसकी बढ़ोतरी की रफ़्तार और भी तेज़ है।
यह रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि भारत, अपनी विशाल प्रतिभा-संपदा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत प्रोत्साहनों की मदद से वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह से तैयार है। विश्लेषकों का मानना है कि इस विस्तार से आने वाले वर्षों में लाखों रोज़गार पैदा होंगे और आर्थिक उत्पादकता में भी भारी वृद्धि होगी।




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