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McKinsey Global Institute की एक नई रिपोर्ट, 'Agents, robots, and us: Skill partnerships in the age of AI' में बताया गया है कि अगले पाँच सालों में उभरते हुए AI और रोबोटिक्स के खतरे के सामने सबसे ज़्यादा कमज़ोर स्किल्स वे हैं जो बहुत खास हैं और जिन्हें ऑटोमेट किया जा सकता है।
इस रिपोर्ट में बताए गए नए 'स्किल्स चेंज इंडेक्स' के अनुसार, अकाउंटिंग के रोज़मर्रा के काम, अलग-अलग प्रोग्रामिंग भाषाएँ, इनवॉइस बनाना, और स्ट्रक्चर्ड डेटा से जुड़े काम 60 प्रतिशत तक ऑटोमेशन की चपेट में आ सकते हैं—खासकर उन स्थितियों में जहाँ AI को तेज़ी से अपनाया जाएगा। हाथ से किए जाने वाले और बार-बार दोहराए जाने वाले मानसिक काम भी इस खतरे की चपेट में आसानी से आ सकते हैं।
इसके ठीक उलट, कोचिंग, बातचीत, झगड़े सुलझाना (conflict management), नेतृत्व करना, और सहानुभूति दिखाना जैसी लोगों से जुड़ी स्किल्स पर ऑटोमेशन का सबसे कम असर पड़ेगा। McKinsey का मानना है कि ज़्यादातर स्किल्स खत्म नहीं होंगी, बल्कि उनका रूप बदल जाएगा; और कर्मचारी AI के साथ मिलकर ज़्यादा से ज़्यादा काम करेंगे।
'AI फ़्लूएंसी'—यानी AI टूल्स का असरदार तरीके से इस्तेमाल करने, उन्हें कंट्रोल करने और उनके साथ मिलकर काम करने की क्षमता—में पहले से ही लगभग सात गुना बढ़ोतरी हो रही है। समस्याओं को समझना और फ़ैसले लेना जैसे काम, जिनमें इंसान और AI मिलकर काम करते हैं, भविष्य के बदले हुए वर्कप्लेस में कामयाब हो पाएँगे।
AI के इस दौर में लीडर बनने के लिए अभी से नई स्किल्स सीखें!




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