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हाल के दिनों में भारतीय शेयर बाज़ारों में युद्ध के झटकों का असर दिखा है, और India VIX में ज़बरदस्त उछाल आया है—ठीक वैसे ही जैसे COVID की शुरुआत के अस्थिर दिनों में हुआ था। लेकिन Univest के विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति 2020 की उस गिरावट की याद दिलाती है, जिसके बाद शेयर बाज़ार में ज़ोरदार तेज़ी का दौर आया था। उनका दावा है कि अभी की यह भारी गिरावट शेयर खरीदने का सुनहरा मौका है, क्योंकि भारत के विकास की बुनियादी संभावनाओं को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है; भारत में घरेलू निवेश, बढ़ती कमाई और सरकारी नीतियों का समर्थन अभी भी मज़बूती से बना हुआ है।
Univest के नज़रिए से, जैसे ही भू-राजनीतिक मुद्दे कम अहम रह जाएँगे, बाज़ार COVID-जैसे ज़बरदस्त उछाल के लिए तैयार हो जाएगा। अगली तेज़ी की शुरुआत छोटे निवेशकों (Retail Investors) द्वारा होगी, जिन्होंने पिछली गिरावटों के दौरान अपनी मज़बूती साबित की है। अंतरराष्ट्रीय संकेत—जैसे कि युद्ध का तनाव कम होने के संकेत—बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में और भी ज़्यादा तेज़ी ला सकते हैं।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे शांत रहें और बाज़ार की इस अस्थिरता को अच्छे शेयर खरीदने के एक मौके के तौर पर देखें। हालाँकि, कम समय के लिए यह अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन भारत में शेयर बाज़ार में तेज़ी की संभावनाएँ पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हैं; यही कारण है कि 2026 तक भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक माना जा रहा है। इस शानदार रिकवरी का फ़ायदा उठाने के लिए अपने निवेश को बनाए रखें।




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