Story Content
वित्तीय जानकारी देने वाली संस्था मनीफ़ैक्ट्स के आंकड़ों के मुताबिक़ ब्रिटेन में नए पांच साल के फ़िक्स्ड मॉर्गेज का औसत ब्याज तीन साल में पहली बार 6% पर पहुंच गया है। पिछले कुछ हफ़्तों से होम लोन महंगे हो रहे हैं, क्योंकि बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों और सरकारी क़र्ज़ की लागत को लेकर दुनिया भर में चिंता है और इससे क़र्ज़ देने वालों की अपनी लागत भी बढ़ी है।
उधार लेने वालों पर इसका असर साफ़ दिख रहा है। मनीफ़ैक्ट्स के अनुसार सितंबर की शुरुआत से अब तक लगभग 1,500 ऐसे मॉर्गेज सौदे ग़ायब हो चुके हैं, जिनकी दर 5% से कम थी। दो साल के फ़िक्स्ड मॉर्गेज की औसत दर अब 5.98% है। संस्था ने घर ख़रीदने वालों और पुराना सौदा नया करवाने वालों के लिए हालात को बेहद कठिन बताया है।
फ़िक्स्ड मॉर्गेज में ब्याज दर सौदे की अवधि पूरी होने तक नहीं बदलती, जो आम तौर पर दो या पांच साल होती है। उसके बाद उधार लेने वाला नया सौदा चुनता है। ज़्यादातर घर मालिक और ख़रीदार इसी तरह का मॉर्गेज लेते हैं, इसलिए दरों में बढ़ोतरी का असर बहुत बड़ी संख्या में परिवारों पर पड़ता है।
मनीफ़ैक्ट्स के मुताबिक़ ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता सौदों की लागत बढ़ा रही है। सितंबर में बड़े बैंकों ने बार-बार फ़िक्स्ड दरें बढ़ाईं। बार्क्लेज़ ने चुनिंदा दरें चार बार बढ़ाईं, जबकि एचएसबीसी, लॉयड्स, नेशनवाइड, नैटवेस्ट, सैंटेंडर और टीएसबी ने तीन-तीन बार बढ़ोतरी की।
नतीजा यह है कि पांच साल के सौदे की औसत दर सितंबर 2023 के बाद सबसे ऊंची है, और दो साल के सौदे की औसत दर दिसंबर 2023 के बाद सबसे ऊंची।
मनीफ़ैक्ट्स की विशेषज्ञ रेचल स्प्रिंगॉल ने कहा कि तीन साल के उच्चतम स्तर पर लौटती दरें उधार लेने वालों के लिए बुरी ख़बर हैं, और जिन्हें उम्मीद थी कि दरें स्थिर होंगी, उन्हें निराशा होगी।
ब्याज दरें बैंक ऑफ़ इंग्लैंड की बेस रेट और बाज़ार की स्थिति के साथ बदलती रहती हैं। जिनका सौदा जल्द ख़त्म हो रहा है, उन्हें पहले से ऑफ़र की तुलना करके किसी योग्य सलाहकार से बात करनी चाहिए।
स्रोत: BBC News




Comments
Add a Comment:
No comments available.