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एक खुलासे वाले बयान में, दिग्गज फिल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने उस भारी दबाव और विरोध के बारे में बताया है जिसका सामना उनके परिवार ने पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मंसूर अली खान पटौदी से उनकी शादी से पहले किया था।
शर्मिला बताती हैं कि उन्हें कई टेलीग्राम मिले थे जिनमें उनके माता-पिता को चेतावनी दी गई थी कि अगर अंतर-धार्मिक जोड़े की शादी आगे बढ़ी, तो "गोलियां चलेंगी"। उन्होंने 1969 में शादी की, जब भारतीय समाज में अंतर-धार्मिक विवाह असामान्य थे और अक्सर उन्हें पसंद नहीं किया जाता था।
सभी धमकियों और दबाव के बावजूद, शर्मिला और पटौदी दोनों ने अपनी शादी की और यह भारतीय सिनेमा और शाही परिवार की सबसे चर्चित शादियों में से एक बन गई।
शर्मिला ने कहा कि परिवार एकजुट था और उन्होंने डरने से इनकार कर दिया। वे एकजुट रहे और उनके तीन बच्चे हुए: अभिनेता सैफ अली खान, संगीता और अज़हर। 2011 में सैफ अली खान के पिता पटौदी के निधन तक वे साथ रहे।
इस खबर ने एक बार फिर उन बाधाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है जिन्हें इस मशहूर जोड़े ने रूढ़िवादी विरोध के बावजूद पार किया था। बीस साल बाद भी, लोग शर्मिला की कहानी से प्रेरित हो रहे हैं।




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