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2026 के गणतंत्र दिवस में संजय लीला भंसाली कैसे रचेंगे इतिहास?

संजय लीला भंसाली रचेंगे इतिहास, Republic Day पर फिल्मी जलवा!

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By Priyanka Giri | Faridabad, Haryana | मनोरंजन - 22 January 2026

2026 का गणतंत्र दिवस इतना खास क्यों होने वाला है? और कैसे एक फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली देश के लिए इतिहास रचने जा रहे हैं?

जिस कर्तव्य पथ पर अब तक आपने सेना की ताकत, राज्यों की संस्कृति और भारत की परंपराओं की झलक देखी है— क्या कभी सोचा था कि भारतीय सिनेमा भी वहीं देश को सलाम करेगा? जी हां, 2026 का गणतंत्र दिवस वाकई ऐतिहासिक होने वाला है। क्योंकि भारत के 77 साल के गणतंत्र इतिहास में पहली बार, भारतीय सिनेमा को गणतंत्र दिवस परेड में एक अलग और खास झांकी के रूप में सम्मान मिलेगा। 26 जनवरी के कर्तव्य पथ अब तक आपने यहां देखा—  राज्यों की झांकियां, सेना की ताकत, भारत की लोकसंस्कृति लेकिन 2026 में पहली बार इस मंच पर दिखेगा—भारतीय सिनेमा। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस खास मौके के लिए मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली के साथ हाथ मिलाया है।  ये सिर्फ एक झांकी नहीं होगी, ये होगी भारतीय सिनेमा की आत्मा, उसका सफर और उसकी पहचान।खास बात ये है कि— पहली बार किसी फिल्म निर्देशक को परेड में प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा।

 कर्तव्य पथ पर भंसाली का ‘मैजिक’  

संजय लीला भंसाली… एक ऐसा नाम, जो भव्यता, संगीत और भारतीय परंपरा का दूसरा नाम बन चुका है। ‘देवदास’ की शाही हवेलियां ‘बाजीराव मस्तानी’ का जज्बा और ‘पद्मावत’ की ऐतिहासिक भव्यता— अब यही अंदाज़ कर्तव्य पथ पर देखने को मिलेगा। उनकी झांकी में— भारतीय सिनेमा का गौरवशाली इतिहास और दुनिया में भारत की फिल्मी पहचान सब कुछ एक मूविंग आर्ट की तरह सामने आएगा। इस ऐतिहासिक पल को और खास बनाएंगे ऑस्कर विजेता म्यूजिशियन एम.एम. कीरावनी। जी हाँ ‘वंदे मातरम’ की नई और खास धुन कर्तव्य पथ पर गूंजेगी, जो सिनेमा और देशभक्ति को एक नई ऊंचाई देगी। सवाल ये है कि इतने बड़े मंच के लिए संजय लीला भंसाली को ही क्यों चुना गया? इसका जवाब बिल्कुल आसान है। भंसाली अपनी फिल्मों में भारतीय जड़ों, परंपराओं और संस्कृति को बेहद खूबसूरती से दिखाते हैं। उन्होंने सिनेमा को सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे एक कला के रूप में पूरी दुनिया के सामने पेश किया। उन्हें 7 नेशनल अवॉर्ड्स मिल चुके हैं और भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया है यही वजह है कि भंसाली ने भारतीय सिनेमा को सिर्फ फिल्में नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के रूप में पहचान दिलाई है। 2026 की परेड में ये झांकी सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल होगी। जब ये पल इतिहास में दर्ज हो जाएगा। 2026 का गणतंत्र दिवस सिर्फ झांकियों का नहीं, भारतीय सिनेमा के सम्मान का उत्सव होगा। ये एक ऐसा पल, जिसे देश और दुनिया लंबे समय तक याद रखेगी। 

जय हिन्द जय भारत!


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