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शाम के समय समझदारी भरे चुनाव करके दिल को सुरक्षित रखना आसान हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि रात 8 बजे के बाद की आदतें हमारे शरीर की जैविक घड़ी (circadian cycles) को बिगाड़ सकती हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं, मेटाबॉलिज़्म को खराब कर सकती हैं और लंबे समय में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती हैं।
- देर रात भारी भोजन या स्नैकिंग—सोने से ठीक पहले ज़्यादा कैलोरी वाला या भारी भोजन करने से ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और सूजन बढ़ सकती है। इसके अलावा, इससे रात के समय ब्लड प्रेशर में होने वाली स्वाभाविक गिरावट भी नहीं हो पाती।
- कैफीन का सेवन—रात 8 बजे के बाद कॉफी, चाय या एनर्जी ड्रिंक्स पीने से नींद की गुणवत्ता खराब होती है। इससे बेचैनी और तनाव वाले हार्मोन बढ़ जाते हैं, जिससे दिल पर बोझ बढ़ जाता है।
- शराब का सेवन—शाम के बाद शराब पीने से गहरी नींद के अलग-अलग चरणों में रुकावट आती है, ब्लड प्रेशर का स्तर बढ़ जाता है और दिल की धड़कनें अनियमित हो जाती हैं।
- ज़ोरदार कसरत—देर रात ज़ोरदार कसरत करना नुकसानदायक हो सकता है। जिस समय शरीर को आराम करना चाहिए, उस समय दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं और एड्रेनालाईन हार्मोन रिलीज़ होता है।
- बहुत ज़्यादा स्क्रीन टाइम—स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (blue light) मेलाटोनिन हार्मोन को बनने से रोकती है। इससे नींद खराब होती है, जिसके परिणामस्वरूप दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गंभीर तनाव या झगड़े—भावनात्मक तनाव के कारण कोर्टिसोल का स्तर लगातार ऊँचा बना रहता है, जिसका बुरा असर हृदय प्रणाली पर पड़ता है।
इन चीज़ों से बचने पर आपकी नींद बेहतर होगी, रक्तचाप सामान्य रहेगा और सूजन की समस्या कम होगी। हृदय के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, रात का खाना हल्का और जल्दी खाएँ, आराम करें और सोने का एक नियमित समय तय करें।




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