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'नेचर कम्युनिकेशंस' में पब्लिश हुई यूनिवर्सिटी ऑफ़ बॉन की 2026 की एक स्टडी में पाया गया कि सिर्फ़ दो दिन तक मुख्य रूप से ओटमील खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल में काफ़ी सुधार हो सकता है। मेटाबोलिक सिंड्रोम वाले लोगों ने कैलोरी-सीमित प्लान के तहत रोज़ाना लगभग 300 ग्राम ओट्स (पानी में उबले हुए, साथ में सीमित मात्रा में फल या सब्ज़ियाँ) खाए।
उनका LDL ("बैड") कोलेस्ट्रॉल लगभग 10% और कुल कोलेस्ट्रॉल लगभग 8% कम हो गया। खास बात यह है कि सामान्य डाइट पर लौटने के छह हफ़्ते बाद भी ये सुधार देखे गए। रिसर्चर्स ने इन फ़ायदों को गट माइक्रोबायोम में बदलाव से जोड़ा, जिससे फेरुलिक एसिड जैसे फ़ायदेमंद कंपाउंड बने जो कोलेस्ट्रॉल मेटाबोलिज्म पर असर डालते हैं।
हालांकि यह उम्मीद जगाने वाला है, लेकिन यह एक छोटा और खास इंटरवेंशन था—न कि दूध और चीनी के साथ रोज़ाना खाया जाने वाला ओटमील। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कमी महत्वपूर्ण है, लेकिन दवाओं जितनी असरदार नहीं है। डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें, खासकर अगर आपको हाई कोलेस्ट्रॉल या उससे जुड़ी कोई हेल्थ कंडीशन है।




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