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प्रोटीन पाउडर, खासकर व्हे (whey) प्रोटीन, फिटनेस लक्ष्यों के लिए लोकप्रिय हो गए हैं, लेकिन किडनी को नुकसान पहुंचने की चिंताएं बनी हुई हैं। गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट डॉ. पाल के अनुसार, ज़्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए प्रोटीन पाउडर किडनी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। शरीर बिना किसी समस्या के सीमित मात्रा में लिए गए प्रोटीन को आसानी से प्रोसेस कर लेता है।
वे शरीर के वज़न के प्रति किलोग्राम पर रोज़ाना लगभग 1 ग्राम प्रोटीन लेने की सलाह देते हैं। चिकन, अंडे या टोफू जैसे साबुत खाद्य पदार्थ बेहतर विकल्प हैं, फिर भी जब डाइट से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल पाता, तो व्हे प्रोटीन एक सुविधाजनक विकल्प होता है। वर्कआउट के बाद इसका सेवन करने से रिकवरी और एब्जॉर्प्शन (अवशोषण) तेज़ी से होता है।
किडनी की बीमारी वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह पर ही सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि ज़्यादा प्रोटीन कमज़ोर किडनी पर काम का बोझ बढ़ा सकता है। कब्ज इसके आम साइड इफेक्ट्स में से एक है, इसलिए शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखना ज़रूरी है। लंबे समय तक चली स्टडीज़ से पुष्टि होती है कि अगर कम से कम एडिटिव्स (additives) वाले अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट्स चुने जाएं, तो ये सुरक्षित होते हैं।
संक्षेप में, स्वस्थ लोगों के लिए प्रोटीन पाउडर न तो जादुई है और न ही खतरनाक—सही मात्रा और जानकारी के साथ इसका इस्तेमाल करना ज़रूरी है। इसे शुरू करने से पहले अगर आपको स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।




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