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आम का मौसम पूरे ज़ोरों पर है, और ज़्यादातर विक्रेता आमों को जल्दी पकाने के लिए प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे गले में जलन, चक्कर आना और पाचन संबंधी समस्याओं जैसे स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो रहे हैं। यहाँ बताया गया है कि आप घर पर ही कैसे पहचान सकते हैं कि आमों को नकली तरीके से पकाया गया है:
- रंग की जांच: जो आम प्राकृतिक रूप से पकते हैं, उनमें पीले-हरे रंग के धब्बे और एक प्राकृतिक चमक होती है। नकली आम बहुत ज़्यादा पीले या फीके-पीले रंग के दिखते हैं।
- गंध की जांच: आम के डंठल के पास की गंध मीठी और फलों जैसी होनी चाहिए—अगर ऐसा है तो आम प्राकृतिक है; अगर कोई गंध नहीं है या कोई रासायनिक गंध आ रही है, तो आम नकली तरीके से पकाया गया है।
- कठोरता: आम को ज़ोर से दबाएँ। नकली आम बाहर से नरम होते हैं, लेकिन अंदर से (गुठली के पास) सख्त या कच्चे होते हैं।
- पानी में जांच: आम को पानी से भरी बाल्टी में डालें। प्राकृतिक रूप से पके आम आमतौर पर पानी में डूब जाते हैं; जबकि कार्बाइड से पकाए गए आम आमतौर पर पानी में तैरते रहते हैं।
- अन्य: आम पर सफेद/भूरे रंग का पाउडर जैसा अवशेष या काले धब्बे देखें। आम को काटने पर उसका गूदा फीका, रबड़ जैसा या बेस्वाद लग सकता है।
आमों को हमेशा अच्छी तरह से धोकर ही खाएँ। सीज़न के दौरान सुरक्षित और ज़्यादा स्वादिष्ट फल खरीदने के लिए, भरोसेमंद जगहों से ही खरीदारी करना याद रखें। FSSAI के अनुसार, फलों को नियंत्रित तरीके से पकाने का काम केवल उचित चैंबर्स में एथिलीन गैस की मदद से ही किया जा सकता है।




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